रविवार, सितंबर 06 2026 | 03:32:14 AM
Breaking News
Home / राज्य / जम्मू और कश्मीर / कुलगाम में अभी भी सेना का अभियान जारी, छिपे हो सकते हैं और आतंकवादी

कुलगाम में अभी भी सेना का अभियान जारी, छिपे हो सकते हैं और आतंकवादी

Follow us on:

जम्मू. दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के अखल इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच जंगल क्षेत्र में सोमवार यानी चौथे दिन भी मुठभेड़ जारी है। इससे पहले रविवार को सुबह थोड़ी देर के लिए रुक-रुककर गोलीबारी हुई। सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। पूरे इलाके में हाईटेक सर्विलांस उपकरण लगाए गए हैं। इतना ही नहीं, इसके अलावा सेना के स्पेशल पैरा फोर्स के जवानों को भी जंगल में उतारा गया है। पुलिस महानिदेशक और सेना की 15वीं कोर के कमांडर पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि जंगल में चार से पांच या उससे अधिक आतंकी होने की आशंका है।

सुरक्षाबलों को एक अगस्त को अक्खल के घने जंगल में आतंकियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद पूरे क्षेत्र को घेर तलाशी अभियान शुरू किया। वहां छिपे आतंकियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे तलाशी मुठभेड़ में बदल गई। तीन आतंकी मारे गए हैं और एक सैनिक घायल हुआ है।

सूत्रों के मुताबिक, शनिवार रात से लेकर रविवार सुबह तक इलाके में गोलियों और धमाकों की आवाजें सुनी जाती रहीं। बड़ी संख्या में सेना, पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमें अभियान में जुटी हैं। ड्रोन, थर्मल इमेजिंग और अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद ली जा रही है। पुलिस के अनुसार यह इस हफ्ते जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के साथ तीसरी बड़ी मुठभेड़ है।

बता दें कि इससे पहले सुरक्षाबलों ने आपरेशन महादेव के तहत पहलगाम हमले में शामिल तीन पाकिस्तानी आतंकियों सुलेमान, अफगान और जिब्रान को मार गिराया था। 31 जुलाई को पुंछ में नियंत्रण रेखा के पास दो और आतंकी मारे गए थे। कुलगाम के घने जंगलों में जारी मुठभेड़ को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। सेना की चिनार कोर ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट किया कि ‘रात भर रुक-रुक कर और तीव्र गोलीबारी जारी रही. सतर्क सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई की और संपर्क बनाए रखते हुए घेराबंदी और मज़बूत कर दी।

साभार : दैनिक जागरण

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

Census 2027 Ladakh Jammu Kashmir Population Enumeration Digital Self Enumeration Process

Census 2027: लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में दूसरे चरण (Population Enumeration) का आगाज़; जानें नियम और तारीखें

जम्मू । सोमवार, 17 अगस्त 2026 भारत में पहली बार आयोजित की जा रही पूरी …