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कुलगाम में अभी भी सेना का अभियान जारी, छिपे हो सकते हैं और आतंकवादी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के अखल इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच जंगल क्षेत्र में सोमवार यानी चौथे दिन भी मुठभेड़ जारी है। इससे पहले रविवार को सुबह थोड़ी देर के लिए रुक-रुककर गोलीबारी हुई। सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। पूरे इलाके में हाईटेक सर्विलांस उपकरण लगाए गए हैं। इतना ही नहीं, इसके अलावा सेना के स्पेशल पैरा फोर्स के जवानों को भी जंगल में उतारा गया है। पुलिस महानिदेशक और सेना की 15वीं कोर के कमांडर पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि जंगल में चार से पांच या उससे अधिक आतंकी होने की आशंका है।

सुरक्षाबलों को एक अगस्त को अक्खल के घने जंगल में आतंकियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद पूरे क्षेत्र को घेर तलाशी अभियान शुरू किया। वहां छिपे आतंकियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे तलाशी मुठभेड़ में बदल गई। तीन आतंकी मारे गए हैं और एक सैनिक घायल हुआ है।

सूत्रों के मुताबिक, शनिवार रात से लेकर रविवार सुबह तक इलाके में गोलियों और धमाकों की आवाजें सुनी जाती रहीं। बड़ी संख्या में सेना, पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमें अभियान में जुटी हैं। ड्रोन, थर्मल इमेजिंग और अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद ली जा रही है। पुलिस के अनुसार यह इस हफ्ते जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के साथ तीसरी बड़ी मुठभेड़ है।

बता दें कि इससे पहले सुरक्षाबलों ने आपरेशन महादेव के तहत पहलगाम हमले में शामिल तीन पाकिस्तानी आतंकियों सुलेमान, अफगान और जिब्रान को मार गिराया था। 31 जुलाई को पुंछ में नियंत्रण रेखा के पास दो और आतंकी मारे गए थे। कुलगाम के घने जंगलों में जारी मुठभेड़ को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। सेना की चिनार कोर ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट किया कि ‘रात भर रुक-रुक कर और तीव्र गोलीबारी जारी रही. सतर्क सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई की और संपर्क बनाए रखते हुए घेराबंदी और मज़बूत कर दी।

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साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।