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टाटा एवरेस्ट पर उतरने में सक्षम हेलीकॉप्टर का करेगा निर्माण

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

जम्मू. भारत अब देश में एक नए हेलिकॉप्टर का निर्माण करेगा. यह हेलिकॉप्टर ग्लोबल एयरोस्पेस कंपनी एयरबस (Airbus) का H125 है. लेकिन अब भारत में भी इसको बनाया जाएगा. इस हेलिकॉप्टर के पास दुनिया की सबसे ऊंची जगह पर लैंड होने का विश्व रिकॉर्ड पहले से ही है. H125  के साथ भारत में इसका मिलिट्री वेरिएंट H125M भी बनाने की उम्मीद है.

देसी कंपनी करेगी निर्माण

इस हेलिकॉप्टर को भारत की देसी कंपनी टाटा एडवांस्ड सिस्टम लिमिटेड (TASL) बनाएगी. कर्नाटक के कोलार जिले में स्थित वेमागल में इसके निर्माण के लिए फाइनल एसेंबली लाइन बनाई जाएगी. ऐसी बताया जा रहा है कि पहला  H125 हेलिकॉप्टर भारत में 2027 तक बन जाएगा. इसे बनाते समय सशस्त्र सेना की जरूरतों को देखते हुए इसमें देसी तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा. इस हेलिकॉप्टर के बनने के बाद इसको दूसरे देशों में भी बेचा जाएगा और भारत में इसका इस्तेमाल होगा. इसे बनाते समय सेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसमें देसी तकनीकों का उपयोग भी किया जाएगा. इस रिपोर्ट में हम भारत में बनने वाले इस खास हेलिकॉप्टर के बारे में जानेंगे.

H125 की खासियतें

इस हेलिकॉप्टर के पास लगभग 8,848 मीटर ऊंचाई पर उतरने और वहां से उड़ान भरने का रिकॉर्ड है. इस हेलिकॉप्टर में फ्रांस की सफ्रान कंपनी का Arriel 2D turboshaft लगा है. यह एक सिंगल इंजन वाला हेलिकॉप्टर है. अब भारत इसे बनाने को लेकर पूरी तरह तैयार है. इस हेलिकॉप्टर में इसके बड़े विंडो के कारण इसमें जिबिलिटी ज्यादा मिलती है. इस हेलिकॉप्टर का केबिन इतना बड़ा है कि इसमें पायलट के साथ 6 और लोग भी बैठ जाते हैं.

सभी इलाकों के लिए भरपूर

H125 हेलिकॉप्टर हर इलाके के लिए बेस्ट है. यह हेलिकॉप्टर अपने कार्गो हुक की मदद से 1,400 किलो तक के वजन को कहीं भी पहुंचा सकता है. जिस कारण इसे एक शानदार ट्रांसपोर्ट हेलीकॉप्टर भी माना जाता है. इस हेलिकॉप्टर में क्रैश-रेसिस्टेंस फ्यूल सिस्टम लगे हैं. जिसकी मदद से यह ऊंची जगहों पर आराम से पहुंच जाता है. इसकी नेविगेशन क्षमता काफी दमदार है जिससे पायलट को इसे उड़ाने में कम जोर डालना पड़ता है.

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साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।