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राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने पूरा किया वादा; पंजाब बाढ़ पीड़ित परिवारों को दिलवाई नौकरी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में बाढ़ पीड़ित परिवारों के सदस्यों को दी गई स्थायी नौकरी

दिल्ली, अक्टूबर 2025: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद व लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के संस्थापक चांसलर, डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने पंजाब की हालिया बाढ़ में अपने परिजनों को खो चुके परिवारों को स्थायी रोजगार पत्र सौंपे। इन नियुक्तियों से प्रभावित परिवारों को आर्थिक स्थिरता और दीर्घकालिक सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित होगा। यह पहल, जिसकी घोषणा डॉ. मित्तल ने 5 सितम्बर को की थी, उनके उस वचन का हिस्सा थी, जिसके तहत उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों को निरंतर सहयोग देने की बात कही थी।

लाभार्थियों से बातचीत करते हुए डॉ. मित्तल ने कहा, “खोए हुए जीवन की भरपाई कभी नहीं हो सकती। लेकिन, एलपीयू में स्थायी रोजगार देकर हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि बाढ़ का शिकार हुए परिवार अपनी जद्दोजहद में अकेले न रहें। यह सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि गरिमा, सुरक्षा और जीवन को दोबारा सँवारने का अवसर है।”

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लाभार्थियों की बातें:

•      दीपिका (पुराना भंगल, मुकेरियां): “माँ और घर खोने के बाद मुझे छोटे भाई-बहन की ज़िम्मेदारी उठानी पड़ी। जब समझ नहीं आ रहा था कि आगे कैसे बढ़ें, एलपीयू से मिली यह नौकरी हमें नई उम्मीद और ताकत दे रही है।”
•      गगन (जुगीयाल, पठानकोट): “पत्नी की मौत ने मुझे और मेरे बुज़ुर्ग माता-पिता को असहाय कर दिया। यह नौकरी दर्द तो नहीं मिटा सकती, लेकिन परिवार को सम्मान से संभालने का साहस जरूर देती है।”

डॉ. मित्तल ने पहले भी मुख्यमंत्री राहत कोष में 20 लाख रुपए का योगदान दिया था और पंजाब सरकार के राहत व बचाव कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावितों के पुनर्वास के लिए समाज के सभी वर्गों कॉर्पोरेट, समाजसेवी और सामुदायिक नेताओं को आगे आना चाहिए।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।