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सोनी सब के शो उफ़्फ़…ये लव है मुश्किल में युग ने आखिरकार किया कैरी से अपने प्यार का इज़हार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई, अक्टूबर 2025: सोनी सब का लोकप्रिय शो उफ़्फ़…ये लव है मुश्किल अपने पारिवारिक ड्रामा और युग सिन्हा (शब्बीर आहलूवालिया) व कैरी शर्मा (आशी सिंह) के बीच बढ़ती प्रेमकहानी के साथ दर्शकों को बांधे हुए है। हाल के एपिसोड्स में कैरी ने कुंदन के राज़ का पता लगाया, वहीं शर्मा भाई-बहनों ने मिलकर गुजिया (भूमि रमौला) की रक्षा की। लता (रिधिमा पंडित) ने युग और कैरी के बीच गलतफहमियाँ पैदा करने की कोशिश की, यहाँ तक कि उसने लोगों को प्रभावित करने के लिए बीमारी का नाटक भी किया।

आने वाले एपिसोड्स में तनाव और बढ़ेगा, जब कैरी लता का सामना करेगी जो उसे और युग को अलग करने की कोशिश कर रही है। इसी बीच परिवार के राज़ भी खुलने लगते हैं और मायरी को पता चलता है कि उसकी दूसरी बेटी अब भी ज़िंदा है। लता अपनी चालें जारी रखती है, यहाँ तक कि मायरी को प्रभावित करने के लिए कैंसर का बहाना भी बनाती है। लेकिन लता की इन योजनाओं के बावजूद, युग और कैरी का रिश्ता और मजबूत होता जाता है। ड्रामा तब चरम पर पहुँचता है जब कुंदन, कैरी का अपहरण कर लेता है और युग बहादुरी दिखाते हुए उसे बचाता है। इसी दौरान युग आखिरकार कैरी से अपने प्यार का इज़हार करता है।

अब जबकि युग और कैरी एक-दूसरे के साथ हैं, क्या लता की चालें और कुंदन के खतरे उनकी खुशी को तोड़ देंगे, या फिर प्यार हर मुश्किल पर भारी पड़ेगा?

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उफ़्फ़…ये लव है मुश्किल में कैरी की भूमिका निभा रहीं आशी सिंह ने कहा, “कैरी की यात्रा साहस, प्यार और कभी हार न मानने के बारे में है, चाहे दुनिया उसके खिलाफ ही क्यों न हो। हर चुनौती उसे और मजबूत बनाती है और अपने परिवार व युग के लिए उसकी लड़ाई दिखाती है कि प्यार केवल एहसास नहीं, बल्कि बहादुरी, विश्वास और सही के लिए खड़े होने का नाम है। यही उसकी कहानी को असली और प्रेरणादायक बनाता है। और यही मैं भी कैरी से अपने लिए सीख रही हूँ, क्योंकि आखिर में बात इस बात पर आकर टिकती है कि जीवन में वास्तव में क्या मायने रखता है।”

देखिए उफ़्फ़…ये लव है मुश्किल, हर सोमवार से शनिवार, रात 8 बजे, केवल सोनी सब पर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।