लोड हो रहा है...

14 किलो सोने के साथ कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव गिरफ्तार, पुलिस महानिदेशक हैं पिता

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

मुंबई. दक्षिण भारतीय फिल्म अभिनेत्री रान्या राव को सोने की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अभिनेत्री पुलिस महानिदेशक (पुलिस आवास निगम) रामचंद्र राव की बेटी हैं। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों ने सोमवार रात केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (केआईए) पर सोने की तस्करी के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया।

14.8 किलोग्राम सोना रखने का आरोप

अभिनेत्री के ऊपर 14.8 किलोग्राम सोना रखने का आरोप था। उन्हें मंगलवार शाम जज के सामने पेश किया गया, जिसके बाद अभिनेत्री को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह आदेश वित्तीय अपराधों के लिए एक स्पेशल कोर्ट के जज ने जारी किया। न्यायिक हिरासत में लिए जाने से पहले अभिनेत्री का बॉरिंग अस्पताल में मेडिकल परीक्षण हुआ। अधिकारियों के अनुसार, रान्या ने दावा किया कि वह बिजनेस के लिए दुबई जा रही थीं।

डीआरआई ने बना रखी थी नजर

डीआरआई ने पाया कि वह पिछले 15 दिनों में चार बार दुबई की यात्रा कर चुकी है, जिसके बाद एजेंसी ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखना शुरू कर दिया। इस खुफिया जानकारी के आधार पर डीआरआई अधिकारी 3 मार्च को रान्या के आने से दो घंटे पहले एयरपोर्ट पर पहुंच गए। वह दुबई से एमिरेट्स की फ्लाइट से आई थीं और सोमवार शाम करीब 7 बजे उन्हें बेंगलुरु एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया गया।

एक्टर सुदीप के साथ कर चुकी हैं स्क्रीन साझा

अभिनेत्री रान्या राव मशहूर एक्टर सुदीप के साथ फिल्म ‘मानिक्या’ (2014) में काम कर चुकी हैं। रान्या को लेकर सामने आई इस खबर से फिल्म इंडस्ट्री में भी खलबली मच गई है। साउथ फिल्म इंडस्ट्री में भी इस मामले की चर्चा जोरों पर है।

- Advertisement -

साभार : अमर उजाला

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।