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ईडी ने ऑनलाइन बेटिंग केस में पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन से की पूछताछ

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. भारत के पूर्व ओपनिंग बल्लेबाज शिखर धवन ED के दफ्तर पहुंच गए हैं. उनका नाम ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सामने आया है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया है और केस की जांच में शामिल होने के लिए कहा है. धवन इस मामले में ईडी की जांच का सामना करने वाले चौथे भारतीय क्रिकेटर होंगे. इससे पहले सुरेश रैना, युवराज सिंह और हरभजन सिंह से भी ईडी पूछताछ कर चुकी है.

मामला क्या है?

यह पूरा मामला 1xBet नाम के ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़ा हुआ है. भारत में बेटिंग यानी सट्टा खेलना अवैध माना जाता है, लेकिन इस ऐप ने सोशल मीडिया और विज्ञापनों के जरिए लोगों को बैटिंग करने के लिए लुभाने की कोशिश की है. आरोप है कि कई भारतीय क्रिकेटरों ने भी इस ऐप का प्रचार किया है. अब ईडी यह जांच कर रही है कि क्या इन खिलाड़ियों ने प्रमोशन के दौरान किसी तरह की गैरकानूनी गतिविधि में भी हिस्सा लिया था.

धवन से क्यों हो रही पूछताछ?

ईडी का मानना है कि शिखर धवन ने सोशल मीडिया के जरिए इस ऐप का प्रचार किया था. जांच एजेंसी यह पता लगाना चाहती है कि धवन की इस प्रमोशन में क्या भूमिका थी, उन्हें इसके बदले क्या भुगतान मिला और क्या इस पैसे का लिंक मनी लॉन्ड्रिंग से है.

धवन से पूछे जाने वाले सवाल मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर आधारित होंगे

-उन्होंने इस ऐप का प्रचार किसके कहने पर किया?

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-उन्हें इसके बदले कितनी रकम दी गई?

-क्या उन्हें पता था कि यह ऐप भारत में अवैध है?

पहले भी फंसे कई क्रिकेटर

शिखर धवन से पहले इस मामले में युवराज सिंह, सुरेश रैना और हरभजन सिंह से पूछताछ हो चुकी है. इन खिलाड़ियों ने भी अलग-अलग समय पर इस ऐप का प्रचार किया था. हालांकि, अभी तक किसी खिलाड़ी के खिलाफ सीधे तौर पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है.

आगे क्या?

अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि शिखर धवन ईडी के सामने क्या बयान देते हैं और क्या जांच के बाद उनके खिलाफ कोई ठोस कदम उठाया जाता है या नहीं. फिलहाल, ईडी यह साफ करने में जुटी है कि खिलाड़ियों की भागीदारी सिर्फ विज्ञापन तक सीमित थी या वे इस पूरे नेटवर्क का हिस्सा भी थे.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।