लोड हो रहा है...

लालू-राबड़ी के आवास पर आरजेडी कार्यकर्ताओं ने किया जमकर हंगामा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो चली है. सभी राजनीतिक दले अपनी-अपनी तैयारियों में जुटी हैं. शनिवार को निर्वाचन आयोग की टीम ने पटना में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. जिसमें राजनीतिक दलों ने निर्वाचन आयोग से छठ के तुरंत बाद कम से कम चरण में मतदान कराने की सलाह दी है. बिहार चुनाव की चल रही प्रशासनिक तैयारियों के साथ-साथ चुनाव लड़ने वाले नेताओं की भी अपनी तैयारियां जारी है. जिसमें कई मौजूदा विधायकों के खिलाफ लोगों की गोलबंदी हो रही है. शनिवार को इसका नजारा पटना स्थित लालू आवास पर भी देखने को मिला.

लालू-राबड़ी आवास में RJD विधायक की खिलाफत

शनिवार को पटना में लालू-राबड़ी आवास पर RJD के कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त हंगामा किया. नारेबाजी की. इसका वीडियो भी सामने आया है. जिसमें पार्टी के दर्जनों कार्यकर्ता विरोध जताते नजर आ रहे हैं. कार्यकर्ता का यह गुस्सा राजद के एक मौजूदा विधायक के खिलाफ है.

मखदुमपुर विधायक सतीश कुमार दास से कार्यकर्ता नाराज

दरअसल शनिवार को पटना स्थित लालू-राबड़ी आवास पर मखदुमपुर से पहुंचे RJD के कार्यकर्ताओं ने वहां के मौजूदा विधायक सतीश कुमार दास का जबरदस्त विरोध किया. लोग सतीश दास मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे. कार्यकर्ताओं से राबड़ी देवी ने मुलाकात की, उन्हें समझाया भी.

‘मखदुमपुर में सतीश कुमार को टिकट मिला तो करेंगे विरोध’

प्रदर्शन के दौरान आरजेडी के कार्यकर्ता यह कह रहे थे कि मखदुमपुर से सतीश कुमार दास को टिकट नहीं मिलना चाहिए. यदि पार्टी उसे टिकट देती है तो हम सभी लोग क्षेत्र में विरोध करेंगे. राबड़ी देवी ने प्रदर्शन कर लोगों से बात की, उनकी बातें सुनी. अब देखना है कि मखदुमपुर में राजद क्या फैसला लेती है.

- Advertisement -

साभार : एनडीटीवी

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।