लोड हो रहा है...

दक्षिण कोरिया की वायुसेना ने अपने ही नागरिकों के घरों पर गिराए बम

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

सियोल. साउथ कोरिया में एक फाइटर जेट ने मिलिट्री एक्सरसाइज के दौरान गलती से अपने ही नागरिकों पर 8 बम गिरा दिए। इसमें 15 लोग घायल हो गए। 2 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। वायुसेना ने कहा कि पायलट ने गलत ठिकाना दर्ज कर लिया था। इस वजह से बम उन जगहों पर गिरे, जहां लोग रहते हैं। फिलहाल सैन्य अभ्यास को रद्द कर दिया गया है। इस घटना में एक चर्च और घर को नुकसान पहुंचा है।

यह घटना गुरुवार को स्थानीय समय के मुताबिक सुबह 10 बजे उत्तर कोरिया की सीमा के पास पोचियोन शहर में हुई। माना जा रहा है कि 8 बमों में से सिर्फ एक बम फटा। सुरक्षा अधिकारी बाकी बचे 7 बम को नष्ट पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं। अमेरिकी सेना के साथ चल रहा थी जॉइंट एक्सरसाइज साउथ कोरियाई वायुसेना ने कहा कि हम अमेरिकी वायुसेना के साथ जॉइंट एक्सरसाइज से पहले अभ्यास कर रहे थे। इस दौरान KF-16 फाइटर जेट ने गलती से MK-82 वाले 8 बम गिरा दिए। फाइटर जेट ने जो बम गिराए वे फायरिंग रेंज के बाहर गिरे।

घटना की जांच में जुटी वायुसेना दक्षिण कोरिया की वायुसेना ने कहा कि वह घटना की जांच कर रही है और नुकसान के लिए माफी मांगती है। साथ ही कहा कि वह प्रभावित लोगों को मुआवजा देगी। इलाके के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। इस घटना में घायल 60 साल के शख्स ने कहा कि जब वह गाड़ी चला रहा था, तब उसने धमाके की आवाज सुनी। इसके बाद जब उसकी आंख खुली तो वह एम्बुलेंस में था। उसकी गर्दन में बम का छर्रा लगा है। हॉस्पिटल में उसका इलाज चल रहा है।

दक्षिण कोरिया और अमेरिका 10 मार्च से 20 मार्च तक जॉइंट एक्सरसाइज करने वाले हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के व्हाइट हाउस में लौटने के बाद यह पहला अभ्यास है। यह ऐसे समय में हुआ है, जब दोनों देश उत्तर कोरिया और रूस के बीच बढ़ते गठबंधन को लेकर चिंतित हैं।

- Advertisement -

साभार : दैनिक भास्कर

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।