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अजित पवार के अवैध खनन पर कार्रवाई से रोकने पर भड़की आईपीएस अधिकारी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का एक वीडियो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वीडियो में वह एक महिला आईपीएस अधिकारी को डांटते हुए नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि अधिकारी क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी, जिसके बाद अजीत पवार ने उसे कार्रवाई रोकने के लिए कहा था।वीडियो वायरल हुआ तो पवार की सफाई आई और साथ ही आया एक सवाल कि ये महिला अधिकारी आखिर थी कौन? इनका नाम है अंजना कृष्णा वी. एस। वह 2022 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं, जो इस वक्त सोलापुर जिले के करमाला में डीएसपी के रूप में पोस्टेड हैं। उन्हें अपनी ईमानदारी और कुशाग्रता के लिए जाना जाता है।

केरल के तिरुवनंतपुरम से आती हैं अंजना कृष्णा

अंजना कृष्णा केरल के तिरुवनंतपुरम से ताल्लुक रखती हैं। बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली अंजना कृष्णा के पिता का टेक्सटाइल बिजनेस है। उनकी मां लोकल कोर्ट में टाइपिस्ट हैं। अंजना की पढ़ाई तिरुवनंतपुरम के पूजापुरा उपनगर स्थित सेंट मैरीज़ सेंट्रल स्कूल से हुई है। उन्होंने एनएसएस कॉलेज से गणित में बी.एससी. किया है।अंजना कृष्णा का रुझान यूपीएसी में था और उन्होंने 355वीं रैंक हासिल कर अपना सपना पूरा कर लिया। अजित पवार के साथ हुई बातचीत ने उन्हें अचानक नेशनल मीडिया की सुर्खियों में ला दिया। सोलापुर में जब वह अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई कर रही थीं, तो किसी एनसीपी कार्यकर्ता ने सीधा अजित पवार को फोन मिलाकर उन्हें थमा दिया।

अंजना कृष्णा पवार को पहचान नहीं पाईं और उन्हें अपने नंबर पर कॉल करने को कहा। इस पर पवार भड़क गए और कहा कि ‘क्या मुझे तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए? क्या तुममें इतनी हिम्मत है? अपना नंबर दो, मैं वीडियो कॉल कर रहा हूँ। तुम मुझे वीडियो कॉल पर पहचान लोगी, है ना?’ इसके बाद पवार और अंजना कृष्णा के बीच बात हुई, जिसमें उन्होंने कार्रवाई रोकने को कहा।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।