रविवार, सितंबर 06 2026 | 07:58:36 AM
Breaking News
Home / राज्य / जम्मू और कश्मीर / कट्टरपंथियों ने ईद-ए-मिलाद के मौके पर हजरतबल दरगाह में राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न को तोड़ा

कट्टरपंथियों ने ईद-ए-मिलाद के मौके पर हजरतबल दरगाह में राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न को तोड़ा

Follow us on:

जम्मू. कश्मीर घाटी में ईद-ए-मिलाद के मौके पर श्रीनगर के हजरतबल दरगाह में हंगामा हो गया। तीन दिन पहले दरगाह के नवीनीकरण के बाद लगाए गए मार्बल को लेकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। मस्जिद के अंदर मूर्ति लगाए जाने के आरोप लगने के बाद हंगामा शुरू हुआ। गुस्साए कट्टरपंथियों ने पट्टिका पर लगे अशोक चिह्न को तोड़ दिया। कट्टरपंथियों का कहना था कि मस्जिद के अंदर कोई मूर्ति नहीं लगाई जा सकती। दो दिन पहले, वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष डॉ. दरख्शान एंडरबी ने श्रीनगर में स्थित हजरतबल दरगाह के नवीकृत गर्भगृह का उद्घाटन किया था। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें गुस्साए लोग नारेबाजी करते हुए सुने जा सकते हैं। जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष डॉ. दरख्शं अंद्राबी ने इस घटना पर दुख जाहिर किया है।

राजनीतिक पार्टी के गुंडे कर रहे हमला- अंद्राबी

हजरतबल दरगाह के शिलान्यास स्थल पर राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न को नुकसान पहुंचाने वाले भीड़ के वायरल वीडियो पर, बीजेपी नेता और जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष डॉ. दरख्शं अंद्राबी ने कहा, “यह घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न को नुकसान पहुंचाना एक आतंकी हमला है और हमलावर एक राजनीतिक पार्टी के गुंडे हैं। ये लोग पहले भी कश्मीर को तबाह कर चुके हैं और अब ये खुलेआम दरगाह शरीफ में घुस आए हैं। हमारे प्रशासक बाल-बाल बचे। भीड़ ने उन पर भी हमला किया। इस भीड़ ने राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न को नुकसान पहुंचाकर एक बड़ा अपराध किया है। उन्होंने दरगाह की इज्जत को नुकसान पहुंचाया है और अगर उनकी पहचान हो जाती है तो उन्हें दरगाह में हमेशा के लिए प्रवेश से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।”

विधायक पर भी साधा निशाना

दरख्शं अंद्राबी ने कहा कि अशोक चिह्न को तोड़ने वाली भीड़ ने राष्ट्रीय प्रतीक को कलंकित करके बहुत बड़ा अपराध किया है। उन्होंने दरगाह की गरिमा को ठेस पहुंचाई है और उनकी पहचान होते ही उन्हें आजीवन दरगाह में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। अंद्राबी ने कहा कि उन्होंने पहले ही ऐसी गड़बड़ी की चेतावनी दी थी। सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। जिसमें वह विधायक भी शामिल है, जिसके ट्वीट ने आग में घी डालने का काम किया।

साभार : इंडिया टीवी

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

Census 2027 Ladakh Jammu Kashmir Population Enumeration Digital Self Enumeration Process

Census 2027: लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में दूसरे चरण (Population Enumeration) का आगाज़; जानें नियम और तारीखें

जम्मू । सोमवार, 17 अगस्त 2026 भारत में पहली बार आयोजित की जा रही पूरी …