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एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज से चर्चा में आई श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में चला बुलडोजर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में स्थित श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी (SRMU) के परिसर में आज  प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर चलाया गया. यह कार्रवाई विश्वविद्यालय द्वारा कथित रूप से सरकारी जमीन पर किए गए अवैध निर्माण को हटाने के लिए की गई. विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित “एनिमल हाउस” को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया है. यह ढांचा सरकारी भूमि पर बिना किसी वैध अनुमति के बनाया गया था. शाम करीब 4 बजे बुलडोजर विश्वविद्यालय परिसर में हुए और अवैध निर्माण को गिराने की कार्रवाई शुरू की.

400 वर्ग मीटर पर बना है एनिमल हाउस

एडीएम न्यायिक राज कुमार शर्मा ने बताया कि जांच मे यूनिवर्सिटी द्वारा ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा पाया गया था, इसमें बेदखली की कार्रवाई के बाद बुलडोजर की कार्रवाई की गई. एनिमल हाउस 400 वर्ग मीटर पर बना जिस पर कार्रवाई चल रही है. इसके साथ ही अभी सर्वे का काम चल रहा है.

जांच में सही पाई गई अवैध कब्जे की शिकायत

दरअसल यूनिवर्सिटी परिसर में तालाब और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत मिल रही थी. कहा जा रहा था कि यह शिकायत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की ओर से की गई. इसके बाद राजस्व विभाग ने इसकी जांच की. राजस्व विभाग की जांच अवैध रूप से पुष्टि हुई, इसके बाद तहसील प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी की. आपको बता दें कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत मंत्री मयंक राय ने श्रीराम स्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय पर सरकारी जमीन कब्जा करने का आरोप लगाया था. मयंक राय ने कहा कि, सरकारी जमीन पर कब्‍जा करके निजी विश्‍वविद्यालय बनाया गया है.

लाठीचार्ज मामले पर सीएम योगी ने लिया एक्शन

वहीं बाराबंकी में श्रीरामस्वरूप यूनिवर्सिटी में छात्रों के आंदोलन पर लाठीचार्ज के मामले का संज्ञान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया है. इस मामले में बाराबंकी के सीओ सिटी हर्षित चौहान को निलंबित कर दिया गया है. वहीं नगर कोतवाल राम किशुन राना सहित चौकी इंचार्ज गजेंद्र सिंह समेत गदिया पुलिस चौकी के सभी कर्मी लाइन हाजिर कर दिए गए हैं.

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साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।