लोड हो रहा है...

फ्रांस में एक महीने पहले ही प्रधानमंत्री बने सेबेस्टियन लेकोर्नू ने दिया इस्तीफा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

पेरिस. फ्रांस से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आई है। फ्रांस के नए प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने एक महीने से भी कम समय पहले ही इस पद पर अपना कार्यभार किया था। राष्ट्रपति मैक्रॉन ने सोमवार को उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। दरअसल, फ्रांस में राजनीतिक संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बता दें कि फ्रांस के नए प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने सोमवार को अपने नए मंत्रिमंडल की नियुक्ति के कुछ ही घंटों बाद इस्तीफा दे दिया। कहा जा रहा है कि उन्होंने उन्होंने अपना पद ऐसे समय में छोड़ा है, जब उनके सहयोगियों और विरोधियों ने उनकी सरकार को गिरानी की धमकी दी थी।

शेयर बाजार में आई गिरावट

बता दें कि फ्रांस के पीएम का ये इस्तीफा अप्रत्याशित और अभूतपूर्व रहा है। इसने फ्रांस के राजनीतिक संकट को और गहरा कर दिया है। इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद फ्रांस के शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है।

मंत्रिमंडल की बैठक से पहले फ्रांस के पीएम इस्तीफा

बता दें कि विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ हफ्तों तक विचार विमर्श के बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के करीबी सहयोगी लेकोर्नु ने रविवार को अपने मंत्रियों की नियुक्ति की और सोमवार दोपहर को मंत्रिमंडल की पहली बैठक होनी थी। हालांकि, इससे पहले पीएम ने अपने पद से इस्तीफा देने का एलान किया।

राष्ट्रपति को सौंपा अपना इस्तीफा

गौरतलब है कि लेकोर्नु ने सोमवार सुबह मैक्रों को अपना इस्तीफा सौंप दिया। वहीं, एलिसी के प्रेस कार्यालय ने कहा कि सेबेस्टियन लेकोर्नु ने अपनी सरकार का इस्तीफ़ा गणराज्य के राष्ट्रपति को सौंप दिया है, जिन्होंने इसे स्वीकार कर लिया है। बता दें कि फ्रांस में साल 2022 में मैक्रों के निर्वाचन के बाद किसी भी पार्टी के संसदीय बहुमत नहीं है। यही वजह है कि फ्रांसीसी राजनीति लगातार अस्थिर होते जा रही है।

साभार : दैनिक जागरण
 

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

 

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।