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अमित शाह ने भारतपोल पोर्टल को किया लॉन्च, अपराधों की जांच में मिलेगी मदद

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने मंगलवार (7 जनवरी 2025) को भारतपोल पोर्टल (Bharatpol Portal) लॉन्च किया. ‘भारतपोल’  पोर्टल के लॉन्च पर अमित शाह ने कहा, “आज ‘भारतपोल’ के शुभारंभ के लिए हम यहां इकट्ठा हुए हैं. यह हमारे देश की अंतर्राष्ट्रीय जांच को एक नए युग में ले जाने वाली शुरुआत है. ‘भारतपोल’  की संरचना से भारत की हर एजेंसी, हर राज्य की पुलिस अपने आप को इसकी मदद से बहुत सरलता से इंटरपोल के साथ जोड़ पाएगी और जांच को गति दे पाएगी.”

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सभी एजेंसियां एक मंच से कनेक्ट हो जाएंगी. दुनियाभर के अपराधियों को भारत में लोकेट करने की व्यवस्था भी कर सकेंगे. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच सरल हो जाएगा. कई सालों तक अपराधियों ने विदेशों में बैठ कर कानून की रीच से  बाहर रहे. अब समय आ गया है कि उन्हें इसके अंदर लाया जाए. ड्रग ट्रैफिकिंग, स्मगलिंग, ह्यूमन ट्रैफिकिंग जैसे क्राइम पर लगाम लगाने के लिए यह काम करेगा.

‘भारतपोल के यह पांच प्रमुख मॉड्यूल होंगे’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि रेड कॉर्नर और अन्य अलग-अलग तरह के नोटिस जारी करने के लिए हमारी एजेंसियां अपने अनुरोधों को भारतपोल की मदद से अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों तक तेजी से पहुंचा सकेंगी और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भी भारत तक अपने ऐसे किसी अनुरोध को तेजी के साथ पहुंचा सकेंगी. केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि कनेक्ट, नोटिस, रेफरेंस, ब्रोडकास्ट और रिसोर्सेस, भारत पोल के पांच प्रमुख मॉड्यूल होंगे. इन्हीं मॉड्यूल्स के जरिए देश की सभी लॉ इन्फोर्समेंट एजेंसियां एक ही साथ में एक प्लेटफॉर्म में आ जाएंगी.

‘टेररिज्म वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा’

अमित शाह ने भारतपोल के लॉन्च पर आगे कहा, “टेररिज्म वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है.” टेररिजेम का वित्त पोषण कहीं अधिक खतरनाक है, क्योंकि यह फंड टेररिज्म के मींस और मैथड को पोषित करके दुनिया के अर्थतंत्र को कमजोर करता है. उन्होंने आगे कहा कि टेररिज्म, लोकतंत्र, मानवाधिकार, आर्थिक प्रगति तथा विश्व शांति के खिलाफ सबसे बड़ा नासूर है, जिसे हमें जीतने नहीं देना है.

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साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।