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धोखाधड़ी के आरोप में सोनू सूद के खिलाफ जारी हुआ गिरफ्तारी वारंट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

चंडीगढ़. बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद की मुसीबत बढ़ती दिख रही है. अभिनेता सोनू सूद के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी हुआ है.  पंजाब स्थित लुधियाना की अदालत ने सोनू सूद के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. मामला धोखाधड़ी से जुड़ा है. एक्टर सोनू सूद धोखाधड़ी के एक मामले में गवाही देने नहीं पहुंचे थे. इसके बाद पंजाब के लुधियाना की एक अदालत ने ये अरेस्ट वारंट जारी किया.

लुधियाना के न्यायिक मजिस्ट्रेट रमनप्रीत कौर ने यह वारंट जारी किया. लुधियाना के एक वकील राजेश खन्ना ने 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था. उनका आरोप है कि मुख्य आरोपी मोहित शुक्ला ने उन्हें रिजिका कॉइन में निवेश करने का लालच दिया था. अदालत ने इस मामले में सोनू सूद को गवाही देने के लिए तलब किया था. लेकिन एक्टर सोनू सूद समन के बाद भी अदालत नहीं पहुंचे.

आदेश में क्या है?

लुधियाना अदालत ने ओशिवारा पुलिस स्टेशन, अंधेरी वेस्ट, मुंबई के प्रभारी अधिकारी को सोनू सूद को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया. आदेश के मुताबिक, ‘सोनू सूद ((पिता/पत्नी/बेटी का नाम), निवासी मकान नंबर 605/606 कैसाब्लांका अपार्टमेंट) को समन या वारंट जारी किया गया था, मगर वह अदालत में उपस्थित होने में विफल रहे हैं. आपको (पुलिस) सोनू सूद को गिरफ्तार करने और अदालत के सामने पेश करने का आदेश दिया जाता है.’

पुलिस को क्या आदेश

आदेश में आगे लिखा है, ‘आपको निर्देश दिया जाता है कि आप इस वारंट को 10-02-2025 को या उससे पहले तक तामील कराएं. साथ ही इस बात का प्रमाण पत्र भी दें कि इसे किस दिन और किस तरह से निष्पादित किया गया है, या यह क्यों निष्पादित नहीं किया जा सका है.’ मामले की अगली सुनवाई 10 फरवरी को होनी है.

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साभार : न्यूज़18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।