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अमेरिका ने मैक्सिको और कनाडा पर टैरिफ लागू करने की योजना को किया स्थगित

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

वाशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पदभार संभालने के बाद से ही दुनिया में एक तरह का टैरिफ वार शुरू कर दिया था. उन्होंने इसी साल 20 जनवरी को पदभार संभाला. बीते करीब 45 दिनों में ऐसा कोई दिन नहीं रहा होगा जब ट्रंप और उनके प्रशासन के लोगों ने टैरिफ शब्द का नाम नहीं लिया हो. उन्होंने इस टैरिफ वार की धमकी अपने पड़ोसी मुल्कों कनाडा और मैक्सिको भी दी. दोनों मुल्कों से वह उलझते दिखे. लेकिन, उन्होंने अब अचानक अपना रुख नरम कर लिया है. गुरुवार को उन्होंने पहले मैक्सिको और फिर कनाडा को टैरिफ से छूट देने की घोषणा कर दी.

ट्रंप ने गुरुवार को एक आदेश पर साइन कर दिया जिसमें कनाडा और मैक्सिको से आने वाली चीजों को टैरिफ से मुक्त रखा गया है. बीते दो दिनों में अमेरिकी राष्ट्रपति ने दूसरी बार इन दोनों मुल्कों से आयात की जाने वाली चीजों पर टैरिफ छूट देने वाला आदेश दिया है. कनाडा और मैक्सिको अमेरिका के दो सबसे बड़े ट्रेड पार्टनर हैं. गुरुवार सुबह में ही ट्रंप और कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो के बीच इस टैरिफ को लेकर फोन पर लंबी बातचीत हुई थी. ट्रंप से इस फैसले जहां मैक्सिको ने खुशी जाहिर की है, वहीं कनाडा ने कहा है कि भविष्य को लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता. आने वाले वक्त में टैरिफ का मसला अभी थमा नहीं है.

25% टैरिफ की तलवार फिलहाल हटी!

इससे पहले ट्रंप ने मेक्सिको और कनाडा से आने वाले उत्पादों पर 25% टैरिफ लगाने का फैसला किया था. इससे अमेरिकी उद्योगों और सांसदों ने विरोध जताया, क्योंकि इससे वाहनों, ऑटो पार्ट्स और अन्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ने का खतरा था. बुधवार को ट्रंप ने ऑटो इंडस्ट्री के लिए एक महीने की छूट दी थी, ताकि अमेरिका में गाड़ियों और ऑटो पार्ट्स की कीमतें तुरंत न बढ़ें. अब यह छूट अन्य सेक्टर्स तक बढ़ा दी गई है. अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने CNBC को दिए इंटरव्यू में कहा कि ट्रंप शायद कनाडा और मेक्सिको से आने वाले अधिकांश उत्पादों पर 25% टैरिफ स्थगित कर सकते हैं. उन्होंने कहा, “जो भी USMCA के तहत आता है, उसे टैरिफ से राहत मिलेगी. लेकिन जो इससे बाहर जाएगा, उसे जोखिम उठाना पड़ेगा.”

2 अप्रैल के बाद फिर लागू होंगे टैरिफ?

ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि 2 अप्रैल के बाद नए टैरिफ लागू किए जा सकते हैं. इसमें “रेसिप्रोकल” टैरिफ शामिल होंगे, यानी जिन देशों ने अमेरिका पर टैरिफ लगाए हैं, उन पर भी बराबर शुल्क लगेगा. ऑटो, फार्मास्यूटिकल्स और सेमीकंडक्टर्स जैसे खास सेक्टर्स पर टैरिफ बढ़ाए जा सकते हैं.

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टैरिफ से बाजारों में उथल-पुथल

गुरुवार को न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में बाजार गिरावट के साथ खुले. अमेरिकी निवेशक ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी से घबराए हुए हैं. हालांकि, लुटनिक के बयान के बाद बाजार में थोड़ी रिकवरी हुई. WTI क्रूड ऑयल के दाम गिरे, जबकि मेक्सिकन पेसो और कनाडाई डॉलर मजबूत हुए.

साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।