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ईरान के साथ परमाणु डील करना चाहता है अमेरिका

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

वाशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के साथ परमाणु समझौते पर बातचीत करना चाहते हैं और उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर को इससे संबंधित एक चिट्ठी भेजी है, जिसमें कहा गया कि उन्हें उम्मीद है कि वे बातचीत के लिए सहमत होंगे. रॉयटर्स के मुताबिक, ट्रंप ने शुक्रवार (07 मार्च, 2025) को फॉक्स बिजनेस नेटवर्क के साथ एक इंटरव्यू में कहा, “मैंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि आप बातचीत करेंगे, क्योंकि यह ईरान के लिए बहुत बेहतर होगा. मुझे लगता है कि वे उस चिट्ठी को पाना चाहते हैं. दूसरा विकल्प यह है कि हमें कुछ करना होगा, क्योंकि आप एक और परमाणु हथियार नहीं बनने दे सकते.”

ट्रंप ने आगे कहा, “ईरान से निपटने के दो तरीके हैं, एक तो मिलिट्री या फिर आप समझौता कर लें. मैं समझौता करना पसंद करूंगा, क्योंकि मैं ईरान को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता. वे महान लोग हैं.” फिलहाल ईरान के विदेश मंत्रालय की ओर से मामले पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

क्या रूस भी दे रहा अमेरिका का साथ?

वहीं, रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि रूसी उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने ईरानी राजदूत काजम जलाली के साथ ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित स्थिति को सुलझाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों पर चर्चा की. ट्रंप ने जनवरी में पदभार संभालने के बाद अमेरिकी विदेश नीति में बड़ा परिवर्तन किया है. रूस के प्रति अमेरिका का रवैया बदला है और अधिक समझौतापूर्ण रुख अपनाया गया है. इससे पश्चिम के दूसरे सहयोगी चिंतित हैं. ट्रंप रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से चल रहे युद्ध को खत्म करने की कोशिश में लगे हैं.

डोनाल्ड ट्रंप पहले भी कर चुके हैं परमाणु डील की कोशिश

2015 से ईरान परमाणु समझौते पर बातचीत शुरू हुई थी. हालांकि 2018 में ट्रंप के कार्यकाल के दौरान अमेरिका इससे अलग हो गया था फिर बाइडेन प्रशासन के समय भी ईरान के साथ परमाणु समझौते के प्रयास हुए थे.

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साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।