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भारत की पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक में 100 से अधिक आतंकवादी ढेर, कई दहशतगर्द घायल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. पहलगाम का अमन चैन बिगाड़ने वाले दहशत गर्दों को भारत ने उन्हीं की भाषा में जवाब दिया है. ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने आतंकियों के 9 ठिकानों को निशाना बनाया है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक पता चला है कि भारत के इस अटैक में 100 से अधिक आतंकियों की मौत हुई है जबकि 55 दहशतगर्द घायल हो गए हैं.

ऑपरेशन सिंदूर के बारे में दी जानकारी

हमलों के तुरंत बाद एनएसए अजीत डोभाल ने अमेरिकी एनएसए और विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की और उन्हें ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने एएनआई को बताया, हमें रिपोर्ट्स की जानकारी है. इस हमले के बाद पाकिस्तान में डर का माहौल है.

रक्षा मंत्रालय का बयान

इसे लेकर भारत के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत इस कार्रवाई में कुल मिलाकर 9 जगहों को को निशाना बनाया गया. हमारी कार्रवाई केंद्रित, प्रकृति में गैर-उग्र रही है. किसी भी पाकिस्तानी सैन्य सुविधा को निशाना नहीं बनाया गया है. भारत ने लक्ष्यों के चयन और निष्पादन के तरीके में काफी संयम दिखाया है. वहीं सूत्रों के मुताबिक जानकारी मिली है कि ऑपेरशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान मुद्रिके, कोटली, मुजफ्फराबाद और बहावलपुर समेत 9 ठिकानों पर मिसाइलें दागी गई हैं. यहां के आतंकी ठिकानों को बर्बाद कर दिया गया है.

रक्षा मंत्री का ट्वीट

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी खुद इस पर हमले पर ट्वीट किया है. राजनाथ सिंह ज्यादा कुछ नहीं कहा लेकिन उन्होंने ट्वीट में ‘भारत की जय’ लिखा है. उनके अलावा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी ‘भारत माता की जय’ लिखा है. वहीं यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने जय हिंद! जय हिंद की सेना!

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आतंकियों को बनाया निशाना

इसी बीच भारतीय वायुसेना ने एयर पेट्रोलिंग तेज कर दी है. दिल्ली में बैठकों का दौर जारी है. पीआईबी के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की सैन्य सुविधाओं को नहीं छुआ गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि कार्रवाई का असल मकसद आतंक को खत्म करना है, न कि पड़ोसी मुल्क के साथ संघर्ष को बढ़ाना.

साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।