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मसूद अजहर ने मांगी अपने मरने की दुआ, मारे गए 10 रिश्तेदार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

इस्लामाबाद. भारत ने पहलगाम हमले के जवाब में पाकिस्तान पर बड़ा हमला किया है. इस हमले में भारतीय वायु सेना ने POK और पाकिस्तान के अंदर घुसकर 25 मिनट तक बमबारी की और 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया. खबरों के मुताबिक इन हमलों में करीब 100 आतंकी मारे गए हैं. लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को हुआ है.

इस हमले में मसूद अजहर का लगभग पूरा परिवार मारा गया है. जिसके बाद मसूद अजहर ने एक बयान जारी कर अफसोस जताया है. अपनी आतंकी साजिशों से आम नागिरकों की जान लेने वाला अजहर आज अपने परिवार के लिए रो रहा है. अब उसके पास कुछ बचा नहीं है, न ही परिवार है और न ही भारत ने ठिकाने छोड़े हैं, जहां से आतंकियों को ट्रेन किया जाता था. अब अजहर के जीने के लिए कुछ बचा नहीं है और वह कह रहा है कि मैं भी मर जाता तो अच्छा होता.

मेरे मासूम बच्चों की जान ली-अजहर

मसूद अजहर ने बयान में कहा कि भारत के इस हमले में मेरे परिवार के मासूम बच्चों, पर्दानशीन महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाया है. अजहर ने बताया कि रात के हमले में मेरे खानदान के 10 लोग शहीद हो गए. जिनमें मेरी जान से मेरी बड़ी बहन और उनके पति मारे गए, पांच मासूम बच्चे मारे गए, मेरा भांजा और उनकी बीवी मारी गई, मेरी प्यारी भांजी मारी गई, हुजैफा और उनकी मां दो प्यारी साथियों समेत कुल 14 लोग मारे गए हैं.

भारत ने पहुंचाई आतंक को गहरी चोट

सिर्फ मसूद अजहर ही नहीं भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान के सैकड़ों आतंकियों की कमर तोड़ दी है. भारत के इस हमले करीब 100 आतंकी मारे गए हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने पहलगाम हमले के बाद कह दिया था कि दोषियों को उनकी कल्पना से परे सजा मिलेगी और हमले के 15 दिन बाद भारत ने ये करके भी दिखा दिया है.

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साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।