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बीएलए ने बलूचिस्तान में आईईडी लगा पाकिस्तान के 10 सैनिकों को उड़ाया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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क्वेटा. बलूचिस्तान की जमीन एक बार फिर गोलियों और धमाकों की गूंज से थर्रा उठी है. पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में शुक्रवार को एक भीषण IED धमाके में पाकिस्तानी सेना को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा. यह हमला नुशकी जिले के डोसेह इलाके में उस वक्त हुआ जब सेना का काफिला गुजर रहा था. स्थानीय मीडिया और सूत्रों के मुताबिक, इस विस्फोट में कम से कम 10 पाक सैनिकों की मौत हो गई और एक सैन्य वाहन पूरी तरह तबाह हो गया. हमले के तुरंत बाद पाक सेना ने पूरे इलाके को घेर लिया. आर्मी हेलिकॉप्टरों ने पूरे क्षेत्र में गश्त तेज कर दी. हालांकि, आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है. हमले की जिम्मेदारी अभी किसी ने नहीं ली है. लेकिन इसके पीछे बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) का हाथ माना जा रहा है.

इस हमले से एक दिन पहले बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दो अलग-अलग हमलों की जिम्मेदारी ली थी. केच जिले के जमुरान में सेना पर घात लगाकर हमला किया गया. BLA के मुताबिक, इस ऑपरेशन में दो पाकिस्तानी सैन्य वाहन निशाना बने, एक पूरी तरह नष्ट हो गया और पांच सैनिक मौके पर ही मारे गए. वहीं दूसरी ओर क्वेटा के बकरा मंडी इलाके में पुलिस पर ग्रेनेड अटैक हुआ. इस हमले में SHO नूरुल्लाह सहित कई पुलिसकर्मी घायल हुए.

BLA ने क्या कहा?

गुरुवार को हुए हमले को लेकर BLA के प्रवक्ता जियंद बलूच ने एक बयान में कहा, ‘ये कार्रवाइयां हमारी सशस्त्र मुहिम का हिस्सा हैं. जब तक बलूचिस्तान से पाकिस्तानी फौज पूरी तरह नहीं हटती, हमारा संघर्ष जारी रहेगा.’ बलूच राष्ट्रवादी संगठनों का आरोप है कि पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने हजारों बलूच युवाओं, महिलाओं और बुद्धिजीवियों को जबरन उठाया और उनमें से कई बाद में मृत अवस्था में मिले. BLA पाकिस्तान के लिए प्रतिबंधित संगठन है, लेकिन बलूचिस्तान में वह खुद को ‘सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने वाला संगठन’ कहता है.

साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।