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मुहर्रम जुलूस ने उज्जैन में अचानक बदला रास्ता, रोकने पर पुलिस वाले घायल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

भोपाल. मुहर्रम जुलूस के दौरान उज्जैन में अचानक हंगामा मच गया। खजूरवाड़ी मस्जिद के पास जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने पुलिस द्वारा निर्धारित मार्ग की अवहेलना करते हुए बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान एक प्रतीकात्मक घोड़े को बैरिकेड्स में घुसाने का प्रयास किया गया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

शहर में तनाव का माहौल

पुलिस और जुलूस में शामिल लोगों के बीच हुई झड़प में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन को हिलाकर रख दिया, बल्कि शहर में तनाव का माहौल भी पैदा कर दिया।

प्रतिबंधित मार्ग से जाना चाहते थे उन्मादी

उज्जैन में हर साल की तरह इस बार भी मुहर्रम के अवसर पर हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस की शुरुआत इमामबाड़ों से हुई, जिसमें हजारों लोग शामिल थे। ताजिए, परचम, और प्रतीकात्मक घोड़े (बुर्राक) के साथ जुलूस शहर के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजर रहा था। पुलिस प्रशासन ने जुलूस के लिए पहले से ही एक निर्धारित मार्ग तय किया था, और आयोजकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में जुलूस नहीं ले जाया जाए। हालांकि, कुछ लोग उसी रास्ते से जाने पर अड़े रहे।

पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा

जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने बैरिकेड्स पर धक्का-मुक्की शुरू कर दी। एक घोड़ा बैरिकेड्स से टकरा गया, जिससे वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को धक्का लगा। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने पहले मौखिक चेतावनी दी, लेकिन जब भीड़ बेकाबू होने लगी। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस झड़प में दो पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।

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दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी पुलिस

उज्जैन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के बाद सख्त रुख अपनाया। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि जुलूस के आयोजकों सहित 16 लोगों के खिलाफ दंगा भड़काने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। एसपी प्रदीप शर्मा के मुताबिक पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उज्जैन के अलावा बिहार में भी मुहर्रम जुलूस के दौरान उपद्रव की खबर सामने आई। बिहार के कटिहार में हालात तनावपूर्ण होने के कारण पुलिस-प्रशासन को इंटरनेट बंद कराना पड़ा। इसके अलावा दरभंगा में पुलिसकर्मी को चाकू मारे जाने की खबर आई। वैशाली में कुछ लोगों ने बस में आग लगा दी। जबकि मुजफ्फरपुर में विदेशी झंडा लहराने की खबर आई।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।