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भारत-जापान सामुद्रिक संबंधों को मजबूत करने के लिए जापान का तटरक्षक जहाज ‘इत्सुकुशिमा’ चेन्नई पहुंचा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कैप्टन नाओकी मिज़ोगुची की कमान में जापान कोस्ट गार्ड (जेसीजी) शिप इत्सुकुशिमा, इंडो-पैसिफिक में भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) और जेसीजी के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करते हुए अपने ग्लोबल ओशन वॉयज ट्रेनिंग के हिस्से के रूप में 7 जुलाई, 2025 को चेन्नई बंदरगाह पहुंचा। उल्लेखनीय है कि सप्ताह भर की पोर्ट कॉल में उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठकें, पेशेवर और सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा दोनों सेनाओं के बीच अंतर-क्षमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक समुद्री अभ्यास शामिल है।

पोर्ट कॉल के दौरान चालक दल के सदस्य शिष्टाचार कॉल, पारस्परिक जहाज यात्राओं, संयुक्त प्रशिक्षण सत्र, योग और खेल आयोजनों में संलग्न होंगे, जिसका समापन 12 जुलाई, 2025 को एक संयुक्त समुद्री अभ्यास ‘जा माता’ (बाद में मिलते हैं) में होगा।

बढ़ते सहयोग के प्रतीक के रूप में चार आईसीजी अधिकारी पेशेवर आदान-प्रदान की परंपरा को जारी रखते हुए, सी राइडर्स के रूप में इत्सुकुशिमा से सिंगापुर तक जाएंगे। यह जुड़ाव भारत और जापान के बीच 2006 के सहयोग ज्ञापन पर आधारित है, जो भारत के सागर (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) दृष्टि और भारत-प्रशांत महासागर पहल (आईपीओआई) के साथ जुड़ा हुआ है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।