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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग से करना चाहते हैं मुलाकात

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन की ओर से हालिया एससी समिट पर नाराजगी जताई गई। भारत-रूस के अलावा चीन खासतौर से ट्रंप के निशाने पर दिखा। इससे चीन-अमेरिका के रिश्ते में कड़वाहट बढ़ी। हालांकि एससीओ समिट के एक हफ्ते बाद ही ट्रंप नए प्लान पर काम करते दिख रहे हैं। ट्रंप ने शनिवार को पीएम मोदी को दोस्त कहकर भारत से संबंध सुधारने का संकेत दिया है। साथ ही वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की तैयारी में हैं। ये मुलाकात अगले महीने साउथ कोरिया में हो सकती है।

डोनाल्ड ट्रंप अपने शीर्ष सलाहकारों के साथ अक्टूबर में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन में शामिल होने दक्षिण कोरिया जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति की इस यात्रा की तैयारी बिना ज्यादा शोर-शराबे के ‘चुपचाप’ चल रही है। APEC समिट में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भी आने की उम्मीद है। सीएनएन ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि समिट से इतर शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात हो सकती है।

ग्योंगजू में होगी समिट

दक्षिण कोरिया के ग्योंगजू शहर में अक्टूबर के अंत और नवंबर की शुरुआत में APEC समिट होना तय है। इसीशिखर सम्मेलन में ट्रंप और जिनपिंग के बीच मुलाकात हो सकती है। हालांकि अभी तक इस द्विपक्षीय मुलाकात को लेकर कोई फाइनल समझौता नहीं हुआ है। वाइट हाउस के एक अधिकारी ने सीएनएन से अमेरिकी राष्ट्रपति की दक्षिण कोरिया यात्रा की पुष्टि की है।

वाइट हाउस के अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि ट्रंप की दक्षिण कोरिया की यात्रा पर चर्चा हो रही है, जो आर्थिक सहयोग पर केंद्रित होगी। हालांकि वाइट हाउस के अधिकारी ने जिनपिंग के साथ मुलाकात पर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। माना जा रहा है कि जिनपिंग से मुलाकात के जरिए ट्रंप चीन-अमेरिका के ट्रेड वार को कम करते हुए बीच का रास्ता निकाल सकते हैं।

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किम से भी मिल सकते हैं ट्रंप

इसी साल जून में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक फोन कॉल के दौरान चीनी प्रेसिडेंट जिनपिंग ने ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया को बीजिंग आने का निमंत्रण दिया था। इस पर ट्रंप की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया दी गई। हालांकि इसकी तारीख तय नहीं हो पाई। हालिया एससीओ समिट ने चीन-अमेरिका के रिश्ते में तनाव बढ़ा दिया। दक्षिण कोरिया की अध्यक्षता में APEC शिखर सम्मेलन 31 अक्टूबर से 1 नवंबर तक ग्योंगजू में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान ट्रंप का उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन से मिलने का अवसर भी बन सकता है। किम को भी इस सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया गया है। चीन और उत्तर कोरिया, दोनों ही चीन विरोधी खेमे के दोस्त हैं।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।