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पाकिस्तान के सुल्तान कोट के पास जाफर एक्सप्रेस में एक बम धमाका होने से कई घायल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान में एक बार फिर क्वेटा जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर हमला किया गया है. यह हादसा सुल्तान कोट के पास उस वक्त हुआ, जब पटरी पर लगाया गया विस्फोटक उपकरण (IED) जोरदार धमाके से फट गया. धमाका इतना तेज था कि ट्रेन के पांच डिब्बे पटरी से उतर गए और आसपास अफरा-तफरी मच गई. कई यात्रियों के घायल होने की खबर है, वहीं चश्मदीदों के अनुसार धमाके के बाद फायरिंग की आवाजें भी सुनी गईं. हमले के बाद राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे. घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. रेल सेवा फिलहाल उस रूट पर अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है. सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है और जांच शुरू कर दी है कि विस्फोटक कहां और कैसे लगाया गया. शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला पहले से प्लांट किए गए बम से किया गया था.

पहले भी हो चुका है हमला

यह कोई पहला मौका नहीं है जब जाफर एक्सप्रेस पर हमला हुआ हो. इससे पहले भी यह ट्रेन बलूचिस्तान क्षेत्र में कई बार आतंकवादी हमलों का शिकार हो चुकी है. इसी साल अगस्त के महीने में IED धमाके से बलोचिस्तान के मस्तुंग जिले में ट्रेन के 6 कोचों को निशाना बनाया था. इसमें कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई थीं और थोड़ी देर के लिए रेल रूट भी बाधित हुआ था. मार्च, 2025 में एक बार फिर से बलोच लिबरेशन आर्मी ने बोलन पास के पास जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया था. ट्रेन में कुल 400 यात्री सवार थे, ये पाकिस्तान के इतिहास में बहुत बड़ी घटना थी. यहां विस्फोटकों का इस्तेमाल करके ट्रैक उड़ा दिया गया था और ओपन फायरिंग की गई थी. इस दौरान ट्रेन में मौजूद बंधकों और सुरक्षा बलों पर भी गोली चलाई गई और कई लोगों की जान चली गई.

आपको बता दें कि बलोचिस्तान पाकिस्तान का वो इलाका है, जहां सरकार के खिलाफ विद्रोह होता ही रहता है. वे यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर, सिक्योरिटी फोर्सेज और आने-जाने के रास्तों पर भी हमला करके नुकसान पहुंचाते हैं. यूं तो पाकिस्तानी सेना पर बलोचों के हमले होते ही हैं, लेकिन बार-बार जाफर एक्सप्रेस को निशाना बनाने से यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है.
साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।