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भारत के साथ बैठक में अफगानिस्तान ने चाबहार बंदरगाह के प्रयोग पर जताई सहमति

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बुधवार को दुबई में अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री मावलवी आमिर खान मुत्तकी के साथ बातचीत की। विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, बैठक में अफगान पक्ष ने भारत की सुरक्षा चिंताओं के प्रति अपनी संवेदनशीलता को रेखांकित किया। बयान में कहा गया कि भारत निकट भविष्य में मानवीय सहायता कार्यक्रम के अलावा विकास परियोजनाओं में भी शामिल होने पर विचार करेगा।

भारत करेगा मदद

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘अफगानिस्तान के लिए मानवीय सहायता के उद्देश्य सहित व्यापार और वाणिज्यिक गतिविधियों में सहयोग के लिए चाबहार बंदरगाह के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी।’’ अफगान पक्ष के अनुरोध के जवाब में भारत स्वास्थ्य क्षेत्र और शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए पहले चरण में और अधिक सहायता प्रदान करेगा।

भारत और अफगानिस्तान के मजबूत संबंध

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘विदेश सचिव ने अफगान लोगों के साथ भारत की ऐतिहासिक मित्रता और दोनों देशों के लोगों के बीच मजबूत संबंधों को रेखांकित किया।’’ यह पहल भारत और अफगानिस्तान के बीच सहयोग को बढ़ावा दे सकती है, जिससे दोनों देशों को लाभ होगा।

अफगानिस्तान को प्राथमिकता दे रहा है भारत

देखने वाली बात यह भी है कि, दोनों देशों के बीच इस बैठक ने यह सिद्ध कर दिया कि भारत अपनी अंतरराष्ट्रीय नीतियों में अफगानिस्तान के साथ अपने रिश्तों को प्राथमिकता दे रहा है। पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान पर की गई एयर स्ट्राइक पर भारत ने कड़ा विरोध जताया था, और अब भारत अफगानिस्तान को मानवीय और विकासात्मक सहायता देने में सक्रिय रूप से शामिल हो रहा है।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।