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गो बैक इंडिया का नारा लगा आयरलैंड में 6 साल की भारतीय बच्ची पर किया हमला

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

डबलिन. आयरलैंड में भारतीय मूल के लोगों पर नस्लभेदी हमले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बीच एक छह साल की मासूम बच्ची को क्रूरता का शिकार बनाया गया। हमलावरों ने न सिर्फ उसे “डर्टी इंडियन” कहकर ताने मारे, बल्कि उसे ‘वापस भारत जाओ’ कहते हुए हिंसक हमला किया। इतना ही नहीं हमलावरों ने बच्ची के निजी अंगो में भी चोट पहुंचाए। यह दिल दहला देने वाली घटना हर किसी को झकझोर रही है।

बच्ची की मां आठ साल से आयरलैंड में रह रही हैं और हाल ही में आयरिश नागरिक बनी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी पर 12 से 14 साल के लड़कों ने हमला किया। महिला पेशे से नर्स हैं। उन्होंने द आयरिश मिरर को बताया कि हमलावरों ने उनकी बेटी को गालियां दीं। बच्ची ने अपनी मां को बताया कि पांच लड़कों ने उसके चेहरे पर मुक्के मारे और एक ने साइकिल के पहिए से उसके निजी अंगों पर चोट पहुंचाई, जिससे उसे भयानक दर्द हुआ।

‘हमें अब यहां सुरक्षित नहीं लगता’

मां ने बताया कि हमलावरों ने बच्ची के चेहरे और गर्दन पर मुक्का मारा और उसके बाल खींचकर घसीटा। मां ने कहा, “मेरी बेटी ने बताया कि वे ‘एफ’ शब्द का इस्तेमाल कर रहे थे और उसे ‘डर्टी इंडियन’ कहकर ताने मार रहे थे।” इस घटना ने पूरे परिवार को डरा दिया है। मां ने कहा कि वह अब आयरलैंड में सुरक्षित महसूस नहीं करतीं। उन्होंने ने इस घटना की शिकायत गार्डाई (आयरिश पुलिस) से की, लेकिन उनका कहना है कि वह उन लड़कों को सजा दिलाने के बजाय चाहती हैं कि उन्हें सही मार्गदर्शन और काउंसलिंग दी जाए, ताकि वे भविष्य में ऐसा न करें।

आयरलैंड में नस्लभेदी हमलों की बढ़ती लहर

इससे पहले आयरलैंड में 23 साल से रह रहे एक भारतीय मूल के टैक्सी ड्राइवर लखवीर सिंह पर भी हमला हुआ था। लखवीर ने स्थानीय मीडिया को बताया था कि शुक्रवार रात दो युवकों ने डबलिन के बल्लीमुन उपनगर में पॉपिनट्री में उन पर बिना किसी उकसावे के हमला किया था।

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साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।