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क्रिकेटर पृथ्वी शॉ पर लगा गाली-गलौज और मारपीट के प्रयास का आरोप

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर चल रहे युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ एक बार फिर से विवादों में हैं. मुंबई और पुणे के बीच खेले गए एक अभ्यास मैच में पृथ्वी मुंबई टीम के खिलाड़ी से भिड़ गए. शॉ पहले मुंबई की तरफ से खेला करते थे.

जानकारी के मुताबिक मैच बिल्कुल शांति के साथ खेला जा रहा है. मुशीर खान द्वारा 220 गेंदों पर 181 रन बनाने वाले शॉ का विकेट लेने के बाद खिलाड़ियों के बीच झड़प हो गई. जैसे ही बल्लेबाज मैदान से बाहर गया, पुणे के कुछ खिलाड़ियों ने उन पर गाली-गलौज की. शॉ भी गाली-गलौज के बाद मुशीर की ओर बल्ला लेकर आगे बढ़े. अन्य खिलाड़ियों और अंपायरों ने बीच-बचाव किया.

शॉ, जिन्होंने कुछ जोरदार हिट लगाए और मुशीर की गेंद पर स्लॉग स्वीप करने की कोशिश में डीप फाइन लेग पर कैच आउट हो गए, ने अपने पूर्व मुंबई साथी सिद्धेश लाड के साथ बहस की और थोड़े आक्रामक भी दिखे.

पृथ्वी शॉ ने भारत के लिए पांच टेस्ट, छह वनडे और एक टी20 मैच खेला. वह भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं. घरेलू क्रिकेट में भी पिछले साल उनका प्रदर्शन थोड़ा बिगड़ गया. इसके बाद पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज ने मुंबई रणजी ट्रॉफी टीम में अपनी जगह खो दी. इसके बाद उन्होंने टीम बदल दी. उन्होंने मुंबई से एनओसी ले ली है और आगामी सीजन में पुणे का प्रतिनिधित्व करेंगे.

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इस मुद्दे पर मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन और महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन ने कोई बयान जारी नहीं किया है. इसे अति उत्साही खिलाड़ियों के बीच हुई झड़प बताकर मामले को कमतर आंका जा रहा है. शॉ ने इससे पहले 140 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया और दिन का खेल समाप्त होने तक 181 रन बनाए, जिससे महाराष्ट्र ने पुणे में खेले जा रहे मैच के पहले दिन 400 का आंकड़ा पार किया. पृथ्वी शॉ पहले भी विवादों की वजह से चर्चा में रहे हैं.

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।