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तालिबान के हमले में पाकिस्तान के लेफ्टिनेंट कर्नल और मेजर सहित 11 सैनिकों की मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान फौज पर बुधवार को बड़ा हमला हुआ, जिसमें लेफ्टिनेंट कर्नल, मेजर समेत 11 सैनिक मारे गए हैं. खैबर पख्तूनख्वा के ओरकजई प्रांत में ये हमला हुआ है. पाकिस्तान तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. ISPR ने इस हमले की पुष्टि की है. बलूच विद्रोहियों के लगातार हमलों के बीच ये खूनखराबा हुआ है. पाकिस्तान फौज का कहना है कि ओरकजई प्रांत में खुफिया सूचना के आधार चल रहे ऑपरेशन के दौरान ये हमला हुआ. आतंकियों ने घात लगाकर ये हमला किया, जिसमें पाकिस्तान फौज के अफसर और सैनिक मारे गए. तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है.

पाकिस्तानी सेना ने एक बयान में कहा कि खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा बलों ने एक ऑपरेशन चलाया, जिसमें 19 आतंकियों को मार गिराया गया. इस दौरान पाकिस्तानी सेना को भी बड़ा नुकसान हुआ लेफ्टिनेंट कर्नल जुनैद आरिफ (39), जो ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे थे, और मेजर तय्यब रहत (33) अपने नौ साथियों के साथ मारे गए.

मारे गए जवानों की पहचान नायब सूबेदार आज़म गुल (38), नायक आदिल हुसैन (35), नायक गुल आमिर (34), लांस नायक शेर खान (31), लांस नायक तलिश फ़राज़ (32), लांस नायक इर्शाद हुसैन (32), सिपाही तुफैल खान (28), सिपाही अकीब अली (23) और सिपाही मुहम्मद ज़ाहिद (24) के रूप में हुई है.

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने जताया दुख

 पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग (ISPR) ने बताया कि इलाके में अब “सैनीटाइजेशन ऑपरेशन” चलाया जा रहा है ताकि किसी अन्य आतंकी तत्व को समाप्त किया जा सके. बयान में कहा गया कि आतंकवाद पूरी तरह खत्म करने तक कार्रवाई जारी रहेगी. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने अपने बयान में कहा, “हमारे बहादुर जवानों की कुर्बानियां बेकार नहीं जाएंगी.”

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साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।