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कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने मतभेद की खबरों का किया खंडन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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बेंगलुरु. कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन और सत्ता साझेदारी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच उपमुख्यमंत्री और राज्य कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने बताया दिया। उन्होंने बुधवार को कहा कि पार्टी में कोई मतभेद नहीं हैं और इस मामले पर जो भी बयान दिए जा रहे हैं, उनका कोई महत्व नहीं है।

“किसने कहा कि मतभेद हैं?”

शिवकुमार ने साफ किया कि उनकी और पार्टी के नेतृत्व यानी मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और आलाकमान के बीच कोई मतभेद नहीं हैं। कांग्रेस की प्रदेश इकाई में ‘डिनर पॉलिटिक्स’ के बीच उन्होंने पार्टी में किसी भी तरह के मतभेद से इनकार करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “आपके बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है। किसने कहा कि मतभेद हैं? कोई मतभेद नहीं है।”

सत्ता परिवर्तन की चर्चाएं क्यों?

उनका यह बयान तब आया, जब मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने हाल ही में मंत्रिमंडल के दलित और अनुसूचित जनजाति के चुनिंदा सहयोगियों के साथ डिनर आयोजित किया था, जिसके बाद सत्ता साझेदारी को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। कर्नाटक में सत्ता-साझेदारी या फिर बारी-बारी से मुख्यमंत्री नियुक्त करने का सवाल तूल पकड़ने लगा है। मार्च के बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन के बारे में चर्चाएं की जा रही हैं।

“किसी भी बयान का कोई महत्व नहीं”

इन चर्चाओं के बीच, शिवकुमार ने साफ किया कि कांग्रेस पार्टी में किसी प्रकार के मतभेद नहीं हैं और केवल उन्हीं बयानों का महत्व है जो पार्टी आलाकमान और मुख्यमंत्री द्वारा दिए जाएं। उन्होंने कहा, “कोई बयान नहीं, कुछ भी नहीं। किसी भी बयान का कोई महत्व नहीं है। मैं यहां पार्टी अध्यक्ष के तौर पर जो बोलता हूं और मुख्यमंत्री या आलाकमान जो कहते हैं, केवल उसका ही महत्व है।”

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।