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अमेरिका के टेक्सास में बाढ़ से 100 से अधिक लोगों की मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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वाशिंगटन. अमेरिका फिलहाल दो इन कारणों से चर्चा में है। पहला डोनाल्ड ट्रंप और दूसरा बाढ़। राष्ट्रपति ट्रंप नोबेल पुरस्कार और टैरिफ के कारण दुनियाभर में सुर्खियां बटोर रहे हैं। वहीं दूसरा कारण अमेरिकी राज्य टेक्सास में आई बाढ़ है। जिसके कारण अब तक 100 से ज्यादा लोगों की जान गई है। इसके अलावा सैकड़ों लोग लापता है। इसमें कैंप करने गई बच्चियां भी शामिल हैं। फिलहाल प्रशासन रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है। बाढ़ के कारण टेक्सास का केर काउंटी सबसे अधिक प्रभावित रहा है। जहां कैंप मिस्टिक समेत कई जगहों पर लोग छुट्टियां मनाने के लिए आए थे लेकिन बाढ़ के पानी में बह गए। अब रेस्क्यू कर्मियों को 90 से अधिक लोगों के शव मिले हैं। जिसमें कई बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लापता हुए लोगों की तलाश में 24 घंटे खोजी अभियान चलाया जा रहा है।

सायरन होते तो बच जाती जानें

टेक्सास के लेफ्टिनेंट गवर्नर ने सोमवार को बताया कि अगर नदी के किनारे बाढ़ की चेतावनी देने वाले सायरन लगे होते तो लोगों की जान बचाई जा सकती थी। इस बीच मौसम विभाग ने सोमवार रात को एक बार फिर नदी का पानी बढ़ने की बात कही है। धीमी गति के तूफानों के कारण टेक्सास में एक घंटे में दो-तीन इंच बारिश की संभावना जताई गई है।

लोगों का नहीं मिला संभलने का मौका

गौरतलब है कि टेक्सास से होकर बहने वाली ग्वाडालपू नदी में भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ आ गई। इससे गर्मियों में कैंप के लिए मशहूर केर काउंटी में भारी नुकसान हुआ। अधिकारियों की मानें तो नदी का जलस्तर अचानक 45 मिनट में 26 फीट तक बढ़ गया। इस कारण लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। केर काउंटी के अलावा ट्रैविस, केंडल, बर्नेल और टॉम ग्रीन में भी कई मौतें दर्ज की गई।

साभार : न्यूज24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।