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मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा पर थूकने वाला गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. हरिद्वार से पवित्र गंगाजल ला रहे शिवभक्त की कांवड़ पर थूकने वाले आरोपी को पुरकाजी थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सोमवार रात में एसपी सिटी ने निरीक्षण के दौरान शिवचौक पर पहुंचकर पीड़ित शिवभक्त से बात की। पुरकाजी थानाध्यक्ष को वीडियो कॉल कर हवालात में बंद आरोपी दिखाया और माफी मंगवाई। बता दें कि गाजियाबाद जिले में मोदीनगर के गांव रोरी निवासी अंशुल शर्मा पुत्र नरेंद्र शर्मा ने 101 लीटर गंगाजल, उसकी बहन मुस्कान 31 लीटर गंगाजल व साथी मनीष ने 31 लीटर गंगाजल वाली कांवड़ लेकर गंतव्य की ओर रवाना हुए थे।

शिवभक्त अंशुल शर्मा ने बताया कि सोमवार की तड़के तीन बजे वह पुरकाजी में नगर पंचायत कार्यालय के सामने आकर विश्राम के लिए रुके थे। कांवड़ हाईवे पर रख दी थी। सुबह छह बजे अपनी बहन मुस्कान को छोड़कर निकट ही दिशा शौच के लिए चला गया। बहन ने फोन पर बताया कि एक युवक ने उसकी कांवड़ पर थूक दिया है, इससे कांवड़ खंडित हो गई। इसको लेकर कांवडियों ने हंगामा किया था। आरोपित युवक का मकान पास में ही बताया गया, जिस कारण उत्तेजित कावड़ियों ने उसके घर में घुसने का भी प्रयास किया था। बाद में पुलिस ने जिम्मेदार लोगों की मदद से हरिद्वार से गंगाजल मंगवाकर शिवभक्त को दिया था, तब मामला शांत हुआ था। इसके बाद पुरकाजी थाना पुलिस ने आरोपित उस्मान को उसके मकान से गिरफ्तार कर लिया। उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।

उधर, देर रात एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत शिव चौक पर पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित शिवभक्त अंशुल शर्मा व उसकी बहन मुस्कान से बात की तथा आरोपित उस्मान की गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी दी। साथ ही एसपी सिटी ने पुरकाजी थानाध्यक्ष को वीडियो कॉल कर हवालात में बंद आरोपी से माफी मंगवाई। उन्होंने शिवभक्त से कहा कि गलती हो जाती है, लेकिन गलती करने की सजा युवक को मिलेगी। इस पर शिवभक्त मुस्कान कहने लगी कि हिंदुओं से गलती नहीं होती, मुस्लिमों से ही क्यों होती है।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।