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भाजपा ने पूर्वांचलियों पर अरविंद केजरीवाल के दिए बयान के विरोध में किया प्रदर्शन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. दिल्ली के फिरोज शाह रोड स्थित अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के आवास की तरफ बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने पूर्वांचल सम्मान मार्च निकाला. इस दौरान करीब 50 लोगों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. इन्हें तीतर-बीतर करने के लिए पानी की  बौछारें भी की गई हैं. आवास के धरना खत्म करने की कोशिश की जा रही है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अपने एक बयान से अरविंद केजरीवाल ने पूर्वांचलियों का अपमान किया है. यहां प्रदर्शन कर रहे लोगों में बिहार के भागलपुर, यूपी के सुल्तानपुर और बलिया के लोग भी जुटे हुए हैं. हिरासत में लिए गए लोगों से एबीपी न्यूज ने बात की. एक व्यक्ति ने कहा कि जो पूर्वांचल को गाली देगा. हम उसके खिलाफ प्रदर्शन करेंगे. पूर्वांचली के सम्मान के लिए जहां तक जाना होगा जाएंगे. केजरीवाल ने बोला है कि पूर्वांचली फर्जी वोटर आईडी कार्ड बनाते हैं. हम पूर्वांचली स्वाभिमानी होते हैं.

हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों ने कही यह बात

भागलपुर के रहने वाले एक शख्स ने कहा, ”केजरीवाल ने पूर्वांचलियों का अपमान किया है. बांग्लादेशियों से जोड़ा है.” सुल्तानपुर के रहने वाले एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि हम जब तक दिल्ली से केजरीवाल को भगा नहीं लेंगे दम नहीं लेंगे. बलिया के रहने वाले एक व्यक्ति ने केजरीवाल ने बहुत गंदा काम किया है. यूपी और बिहारियों का अपमान किया है.

बीजेपी बन गई है धरना पार्टी- केजरीवाल

धरना-प्रदर्शन को लेकर अरविंद केजरीवाल ने प्रतिक्रिया दी. अरविंद केजरीवाल ने कहा, ”भारतीय जनता पार्टी धरना पार्टी बन गई है. रोज मेरे घर के बाहर धरने पर बैठते हैं. कल मैं चुनाव आयोग में शिकायत करने गया था कि पूर्वांचलियों के वोट काटे जा रहे हैं. पूर्वांचली समाज कच्ची कालोनियों में रहते हैं वहां बीजेपी ने क्या किया? हमने वहां सड़कें, बिजली पानी, CCTV कैमरे लगवाए. लोगों को सम्मान की जिंदगी दी. जहां 3 हजार रुपए गज का रेट था 1 लाख रुपए का रेट है.” उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी के बनाने से कोई मुद्दा बनता नहीं है‌, क्योंकि इनके मुद्दे फर्जी हैं. सुबह शाम सिर्फ केजरीवाल को गाली देते हैं क्या इससे विकास होगा? बीजेपी वाले सिर्फ धरना प्रदर्शन करते हैं. इसलिए इनको कोई वोट नहीं दे रहा.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।