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ममता कुलकर्णी ने छोड़ा किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर पद

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

मुंबई. पूर्व बॉलीवुड अदाकारा ममता कुलकर्णी को बीते दिनों किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनाया गया। उन्होंने प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में जाकर अपना पिंडदान किया था। उनकी पट्टाभिषेक प्रक्रिया के बाद उन्हें यह पद दिया गया। मगर, ममता के महामंडलेश्वर नियुक्त किए जाने के बाद से ही, उनकी नियुक्ति पर सवाल उठ रहे थे। आज सोमवार को ममता कुलकर्णी ने महामंडलेश्वर के पद से इस्तीफा दे दिया है।

बोलीं- मेरे पद से बहुतों को आपत्ति हो गई

ममता ने कहा, ‘मैं महामंडलेश्वर यामाई ममता नंदगिरी, मैं इस पोस्ट से इस्तीफा दे रही हूं। किन्नर अखाड़े या दो अखाड़ों में मेरे महामंडलेश्वर के पद को लेकर काफी समस्याएं हो रही हैं। मैं पिछले 25 साल से साध्वी थी और साध्वी ही रहूंगी। यह मुझे महामंडलेश्वर का जो एक सम्मान दिया गया था, वो ऐसा सम्मान होता है, जिसने करीब 25 साल स्विमिंग की हो, उसे कहा जाए कि अब जो बच्चे आएंगे, उन्हें स्विमिंग की जानकारी देना। लेकिन, इस पर बहुतों को आपत्ति हो गई’।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।