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अदालत ने प्रणय ऑनर किलिंग मामले में दोषी को सुनाई मौत की सजा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

हैदराबाद. तेलंगाना के प्रणय ऑनर किलिंग मामले में अदालत का फैसला आया है. अदालत ने दोषी सुभाष शर्मा को मृत्युदंड की सजा सुनाई है. एससी/एसटी सेशंस सेकंड एडिशनल कोर्ट ने इस मामले के अन्य सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. आईपीसी की धारा 302, 120बी, 109, 1989 और भारतीय शस्त्र अधिनियम 1959 के तहत सजा सुनाई गई है. बता दें कि साल 2018 में दलित व्यक्ति प्रणय पेरुमल्ला की हत्या उसकी पत्नी के सामने कर दी गई थी.

जानें क्या पूरा केस

प्रणय पेरुमल्ला ने अमृता से लव मैरिज की थी. इस शादी से अमृता के परिवार वाले खुश नहीं थे. क्योंकि प्रणय पेरुमल्ला दलित था. ऐसे में अमृता के पिता मारुति राव ने प्रणय पेरुमल्ला की हत्या की साजिश रच डाली. प्रणय पेरुमल्ला की हत्या के लिए मारुति राव ने भाड़े के हत्यारे को काम पर रखा. जिसके बाद प्रणय पेरुमल्ला की दिनदहाड़े हत्या कर दी.

प्रणय पेरुमल्ला की हत्या उस समय की गई जब वह अपनी गर्भवती पत्नी अमृता के साथ अस्पताल से बाहर निकल रहा था. मारुति राव ने प्रणय की हत्या के लिए सुभाष शर्मा सहित भाड़े के हत्यारों रखे थे. यह अपराध सीसीटीवी में कैद हो गया था. जिसके कारण लोगों में आक्रोश फैल गया था. पुलिस ने मामला दर्ज कर मारुति राव को गिरफ्तार किया गया था. लेकिन बाद में जेल में रहते हुए 2020 में उसने आत्महत्या कर ली थी.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।