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तेलंगाना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: अनंतगिरि हिल्स में मस्जिद-मदरसे के प्रबंधन में बिना कानूनी प्रक्रिया हस्तक्षेप नहीं कर सकेगा वन विभाग

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read
हैदराबाद । गुरुवार, 27 अगस्त 2026
तेलंगाना हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए राज्य के वन विभाग को निर्देश दिया है कि वह विकाराबाद जिले के प्रसिद्ध अनंतगिरि हिल्स स्थित सुन्नी मस्जिद उस्मानिया और दीनी मदरसा के शांतिपूर्ण कब्जे, प्रशासन तथा प्रबंधन में बिना कानूनी प्रक्रिया (Due Process of Law) का पालन किए किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप न करे। न्यायमूर्ति सुरेपल्ली नंदा की पीठ ने यह आदेश संस्थान के मुतवल्ली की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया।

क्या था पूरा मामला?

मस्जिद और मदरसे के मुतवल्ली द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया गया था कि वन विभाग के अधिकारी बिना किसी वैधानिक नोटिस अथवा निर्धारित प्रक्रिया के संस्थान के कामकाज और दैनिक गतिविधियों में बाधा डाल रहे हैं। याचिकाकर्ता के अनुसार, यह धार्मिक और शैक्षणिक संस्थान तेलंगाना राज्य वक्फ बोर्ड (Waqf Act, 1995) के तहत विधिवत पंजीकृत है। याचिका में यह भी कहा गया कि अधिकारी परिसर में चल रहे मदरसा और धार्मिक गतिविधियों में अनुचित रूप से हस्तक्षेप कर रहे थे।

वन विभाग का पक्ष और कोर्ट की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान वन विभाग ने अदालत के समक्ष अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि अधिकारियों का उद्देश्य किसी धार्मिक गतिविधि या संस्थान के वैध अधिकार में बाधा डालना नहीं है, बल्कि वे केवल आरक्षित वन क्षेत्र (Reserve Forest Area) की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों को रोकने का कार्य कर रहे हैं।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करते हुए संतुलन बनाया:
  1. कानूनी प्रक्रिया का पालन: अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वे कानूनी नोटिस और उचित वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए बिना कब्जे में हस्तक्षेप न करें।
  2. अतिक्रमण पर स्पष्टता: कोर्ट ने साफ किया कि इस आदेश की आड़ में रिजर्व फॉरेस्ट की जमीन पर किसी भी तरह का नया अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं होगा। यदि वन भूमि पर कोई अतिक्रमण पाया जाता है, तो वन विभाग कानून के अनुसार कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. तेलंगाना हाईकोर्ट ने अनंतगिरि हिल्स मामले में क्या आदेश दिया है?
अदालत ने आदेश दिया है कि वन विभाग बिना उचित कानूनी प्रक्रिया (Due Process) अपनाए अनंतगिरि हिल्स स्थित सुन्नी मस्जिद उस्मानिया और मदरसे के संचालन में हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
2. क्या यह आदेश आरक्षित वन (Reserve Forest) में अतिक्रमण की अनुमति देता है?
नहीं, अदालत ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश का सहारा लेकर वन भूमि पर अतिक्रमण नहीं किया जा सकता। अतिक्रमण पाए जाने पर वन विभाग नियमानुसार कार्रवाई करने हेतु स्वतंत्र है।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी कानूनी या प्रशासनिक मामलों में न्यायालय के आधिकारिक निर्णय की प्रतिध्वनि है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।