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योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों का डीए बढ़ाया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यकर्मियों को बड़ा तोहफा दिया है, सीएम योगी द्वारा राज्य कर्मचारियों के मंहगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की वृद्धि की स्वीकृति मिली है. योगी सरकार के इस फैसले से सीधे 16 लाख राज्य कर्मचारियों को लाभ मिलेगा. 1 जनवरी 2025 से बढ़े हुए महंगाई भत्ते को स्वीकृति मिली है. राज्य सरकार द्वारा राज्य कर्मचारियों को भारत सरकार द्वारा अनुमन्य दर पर महंगाई भत्ते का भुगतान उसी तिथि से किया जाता है जिस तिथि से भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय कर्मचारियों की अनुमन्य किया जाता है. अभी राज्य सरकार के कर्मियों को 53 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है. भारत सरकार के उक्त निर्णय के क्रम में राज्य कर्मचारियों को वर्तमान में प्राप्त हो रहे महंगाई भत्ता की 53 प्रतिशत की दर को 1 जनवरी 2025 से 55 प्रतिशत किया गया है.

सरकार के इस फैसले से राज्य कर्मचारी, सहायता प्राप्त शिक्षण/प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं शहरी स्थानीय निकायों के नियमित एवं पूर्णकालिक कर्मचारी, कार्यप्रभारित कर्मचारी और यूजीसी वेतनमानों में कार्यरत कर्मचारी लाभान्वित होंगे. यूपी में 16 लाख कर्मचारी महंगाई भत्ता से लाभान्वित होंगे. महंगाई भत्ता का भुगतान अप्रैल 2025 के वेतन के साथ किये जाने की स्थिति में मई 2025 में 107 करोड़ तथा एरियर के भुगतान पर मई 2025 में 193 करोड़ का अतिरिक्त नकद खर्चों का बोझ आएगा. ओपीएस से आच्छादित कार्मिकों के जीपीएफ में 129 करोड़ रुपये जमा होगा, तत्पश्चात जून 2025 से प्रत्येक महीने करोड़ का खर्चों का बोझ आयेगा.

बता दें कि उत्तर प्रदेश में महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को उनके मूल वेतन के अतिरिक्त दिया जाने वाला एक भत्ता है, जो बढ़ती महंगाई के प्रभाव को कम करने के लिए होता है. यह समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा संशोधित किया जाता है, अधिकतर केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों और महंगाई की दर के आधार पर ही यह होता है.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।