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ऑल इंडिया मुस्लिम वुमेन पर्सनल लॉ बोर्ड ने किया वक्फ संशोधन कानून का समर्थन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. वक्फ संशोधन बिल के दोनों सदनों में पास होने के बाद से कई राजनेता इसके विरोध में आ गए हैं। इस बीच,ऑल इंडिया वुमेन मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अंबर ने वक्फ विधेयक 2025 का समर्थन किया है। उन्होंने कहा-हम इस बिल का स्वागत करते हैं। ये मुस्लिम समाज, विशेषकर मुस्लिम महिलाओं के हितों की सुरक्षा करेगा। महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह विधेयक सिर्फ कानून में संशोधन नहीं है, बल्कि एक ऐतिहासिक कदम है।

समाज को मिलेगा लाभ

शाइस्ता अंबर ने  कहा-वक्फ के नए कानून से समाज को लाभ मिलेगा। मुस्लिम महिलाओं की भागीदारी मजबूत होगी। अधिकारों, गरिमा और सम्मान को नई दिशा देने की शुरुआत है। सरकार ने कहा है वक्फ की जमीन पर जो कब्जे हैं, उसे हटाएगी। वक्फ बोर्ड और केंद्रीय वक्फ परिषद में मुस्लिम महिलाओं को शामिल करने की हम लोग लंबी लड़ाई लड़ रहे थे। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल से मांग किया था। शाइस्ता अंबर ने आगे कहा- महिलाओं को वक्फ बोर्ड के सदस्य और पदाधिकारी के रूप में जगह मिले। इन्हें सिर्फ नाम के लिए नहीं, बल्कि काम के लिए रखा जाए। महिलाओं की जिम्मेदारी और अधिकार क्षेत्र सुनिश्चित किया जाए।

प्रधानमंत्री का जताया आभार

शाइस्ता अम्बर ने कहा-आज तक किसी भी सरकार ने मुस्लिम समाज के लिए वास्तविक काम नहीं किया। सभी ने सिर्फ वोट बैंक की राजनीति की है। ऑल इंडिया मुस्लिम वुमेन पर्सनल लॉ बोर्ड पीएम नरेंद्र मोदी का इस बिल के लिए आभार व्यक्त करती है। मुस्लिम महिलाओं के विकास को ध्यान में रखते हुए यह विधेयक प्रस्तुत किया गया और इसने कानूनी रूप लिया।

‘वक्फ की संपत्तियों की सुरक्षा होगी’

सरकार ने दोनों सदनों में मुस्लिम समुदाय को भरोसा दिलाया है कि जनता एवं मुस्लिम समुदाय से किए वादों को पूरा किया जाएगा । हमें पूरी उम्मीद है कि इस बिल से वक्फ की संपत्तियों की सुरक्षा होगी। अल्पसंख्यक समुदाय के जो गरीब बच्चे हैं, विधवा महिलाएं हैं तमाम जरूरतमंद लोगों की आर्थिक सहायता होगी।

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साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।