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आईसीआईसीआई बैंक में ग्राहकों को रखना होगा न्यूनतम बैलेंस 50,000 रुपए

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

मुंबई. भारत के दूसरे सबसे बड़े निजी बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने अपने बचत खातों के लिए न्यूनतम मासिक औसत शेष राशि (एमएबी) में बड़ा इजाफा कर इसे 50,000 रुपये कर दिया है। यह बदलाव 1 अगस्त, 2025 से प्रभावी है। यह बदलाव एक अगस्त के बाद खोले गए सभी नए खातों पर लागू होगा। घरेलू बैंकों के बीच न्यूनतम राशि की आवश्यकता की बात करें तो यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है। नए बदलावों के तहत महानगरीय और शहरी शाखाओं के ग्राहकों को न्यूनतम औसत शेष राशि 50,000 रुपये रखनी होगी। यह वर्तमान के10,000 रुपये से काफी ज्यादा है। अर्ध-शहरी क्षेत्रों में, न्यूनतम शेष राशि 5,000 रुपये से बढ़कर 25,000 रुपये हो जाएगी। ग्रामीण इलाके के खातों के लिए न्यूनतम मासिक औसत शेष राशि 2,500 रुपये से बढ़कर 10,000 रुपये हो जाएगी।

आईसीआईसीआई बैंक आवश्यक एमएबी में कमी का 6% या 500 रुपये, जो भी कम हो जुर्माने के रूप में वसूलेगा। उदाहरण के लिए, मेट्रो शाखा में 10,000 रुपये की कमी होने पर सामान्यतः 600 रुपये का जुर्माना लगता था, लेकिन नए नियमों के तहत यह शुल्क 500 रुपये तक सीमित कर दिया गया है। आईसीआईसीआई बैंक ने अपने नकद लेनदेन के नियमों में भी बदलाव किया है। ग्राहकों को प्रति माह तीन मुफ्त नकद जमा लेनदेन की सुविधा मिलेगी। इनकी कुल राशि 1 लाख रुपये तक होगी। इससे ज्यादा जमा पर 150 रुपये प्रति लेनदेन या 1,000 रुपये जमा पर 3.50 रुपये (जो भी ज्यादा हो) का शुल्क लगेगा।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।