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हंगेरियन लेखक लाज़्लो क्रासनाहॉर्कई को मिला 2025 का नॉबेल साहित्य पुरस्कार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. लास्ज़लो क्रास्ज़्नाहोरकाई को साहित्य के लिए 2025 का नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize 2025 in literature) दिया गया है. स्वीडिश एकेडमी की नोबेल समिति ने गुरुवार, 9 अक्टूबर को इसकी घोषणा की. मेडिशिन, फिजिक्स और केमिस्ट्री के बाद इस सप्ताह घोषित होने वाला यह चौथा नोबेल पुरस्कार है जिसे साहित्य के क्षेत्र में दिया गया है. इस नोबेल समिति ने इससे पहले कुल 121 विजेताओं को 117 बार साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया है. पिछले साल साहित्य का नोबेल पुरस्कार साउथ कोरिया  की लेखिका हान कांग को दिया गया था. उनके बारे में समिति ने कहा था कि हान कांग का साहित्यिक काम “ऐतिहासिक आघातों का सामना करता है और मानव जीवन की नाजुकता को उजागर करता है.”

अबतक किसे मिला 2025 का नोबेल?

2025 के पहले नोबेल की घोषणा सोमवार को की गई थी. मेडिसिन फिल्ड में पुरस्कार फेरिफेरल इम्यून टॉलरेंस से संबंधित उनकी खोजों के लिए मैरी ई. ब्रंको, फ्रेड रैम्सडेल और डॉ. शिमोन सकागुची को दिया गया था. इसके बाद मंगलवार का फिजिस्क के लिए नोबेल पुरस्कार जॉन क्लार्क, मिशेल एच. डेवोरेट और जॉन एम. मार्टिनिस को सब-एटॉमिक क्वांटम टनलिंग की अजीब दुनिया पर उनके रिसर्च के लिए दिया गया, जो रोजमर्रा के डिजिटल संचार और कंप्यूटिंग की शक्ति को आगे बढ़ाता है. बुधवार को जापान के सुसमू कितागावा, ऑस्ट्रेलिया के रिचर्ड रॉबसन और अमेरिका के ओमर एम यागी को संयुक्त रूप से केमिस्ट्री का नोबेल दिया गया. इन वैज्ञानिकों ने मेटल-कार्बनिक फ्रेमवर्क के लिए अपना योगदान दिया है.

अब अगली बारी आएगी नोबेल शांति पुरस्कार की जिसके विजेता की घोषणा शुक्रवार को की जाएगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को शांतिदूत बताकर बार-बार इस पुरस्कार पर दवा किया है और इसी वजह से पूरी दुनिया की इसपर खास नजर होगी. अंतिम नोबेल, इकनॉमिक साइंसेज में नोबेल मेमोरियल पुरस्कार की घोषणा आने वाले सोमवार को की जाएगी.

नोबेल विजेताओं को क्या मिलेगा?

आखिर में पुरस्कार समारोह 10 दिसंबर को आयोजित किया जाएगा, जो इन पुरस्कारों की स्थापना करने वाले अल्फ्रेड नोबेल की मृत्यु की सालगिरह है. अल्फ्रेड नोबेल एक धनी स्वीडिश उद्योगपति थे और उन्होंने डायनामाइट का आविष्कार किया था. 1896 में उनकी मृत्यु हो गई थी. हर पुरस्कार विजेता को 11 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (लगभग साढ़े दस करोड़ रुपए) का पुरस्कार दिया जाता है. इसके साथ साथ विजेताओं को 18 कैरेट का गोल्ड मेडल और एक डिप्लोमा भी मिलता है.

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साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।