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‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ शो में रानी चटर्जी की होगी एंट्री, ‘ज्वाला’ के रूप में मचेगा जबरदस्त तूफान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई, दिसंबर 2025 : कभी-कभी कहानी को पलटने के लिए बस एक दमदार एंट्री ही काफी होती है। सन नियो के लोकप्रिय शो ‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ में आग, साहस और तीखे जज़्बातों से भरा एक नया तूफान आने वाला है। इस तूफान का नाम है ‘ज्वाला’ और इस दमदार किरदार को निभा रही हैं मशहूर अभिनेत्री रानी चटर्जी। उनकी एंट्री शो की पूरी दिशा बदल कर रख देगी, जब एक निडर और मजबूत महिला कहानी के केंद्र में नज़र आएगी।

अपने किरदार को लेकर रानी चटर्जी कहती हैं, “शो पिछले कई महीनों से ऑन-एयर है और लोगों द्वारा इसे बहुत पसंद भी किया जा रहा है, लेकिन मैं यकीन से कह सकती हूँ कि मेरी एंट्री के बाद यह कहानी एक मजबूत और रोमांचक मोड़ लेगी। ज्वाला की एंट्री इस शो में बड़ा बदलाव लाएगी। ‘ज्वाला’ का नाम ही इस किरदार की ताकत को दर्शाता है, जिसमें एक ऐसी आग और शक्ति है, जो मुझे भी काफी प्रेरित करती है।”

वे आगे कहती हैं, “असल ज़िंदगी में भी मैं हमेशा स्वतंत्र और मजबूत रही हूँ। मैं ऐसे किरदार नहीं करना चाहती, जहाँ महिलाएँ सिर्फ रोती रहें या फिर सब कुछ चुपचाप सहती रहें। मैं चाहती हूँ कि महिलाएँ पर्दे पर भी साहसी और सशक्त दिखें। ज्वाला उसी का प्रतीक है। वह एक ऐसी माँ है और ऐसी स्त्री है, जो अपने बच्चे के लिए ईश्वर से भी लड़ सकती है।”

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पता हो कि ज्वाला की धमाकेदार एंट्री से ठाकुर हाउस की शांति चकनाचूर हो जाएगी। वह अचानक घर में घुसकर सभी को बंदूक की नोंक पर घेर लेती है और चारों ओर डर और तनाव फैल जाता है। अब चौहान परिवार के सामने खड़ी है एक नई चुनौती, जो उनकी हिम्मत और एकता की सही परीक्षा लेने लेने वाली है।

जाने कि क्या ठाकुर परिवार इस नए खतरे का सामना कर पाएगा? क्या सभी ज्वाला के सामने टिक पाएँगे? अधिक जानकारी के लिए देखें ‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ शो हर रोज़ रात 9:00 बजे, सिर्फ सन नियो पर।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।