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अमेरिका ने पाकिस्तानी राजदूत अहसान वगान को घुसने से पहले ही किया डिपोर्ट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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वाशिंगटन. पाकिस्तान दुनिया के सामने एक बार फिर बेइज्जत हुआ है। पाकिस्तान के साथ कुछ ऐसा हुआ है जिससे वह शर्मसार हो गया है। ऐसा तब हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद से डोनाल्ड ट्रंप इमिग्रेशन नियमों को लेकर बेहद सख्त नजर आ रहे हैं। खबर है कि तुर्कमेनिस्तान में पाकिस्तान के राजदूत को अमेरिका में एंट्री नहीं मिली है और उन्हें डिपोर्ट कर दिया गया है।

पाकिस्तान राजदूत को नहीं मिली एंट्री

दरअसल, तुर्कमेनिस्तान में नियुक्त पाकिस्तान के राजदूत अहसान वगान एक निजी यात्रा पर अमेरिका जा रहे थे, जहां उनकी एंट्री रोक दी गई। वैध वीजा होने के बावजूद लॉस एंजिल्स एयरपोर्ट से उन्हें वापस भेज दिया गया। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि राजदूत के पास सभी जरूरी दस्तावेज थे, लेकिन फिर भी उन्हें अमेरिका में एंट्री नहीं दी गई।

जानें पाकिस्तान का रुख

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इस घटना पर आश्चर्य और असंतोष व्यक्त किया है। विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि तुर्कमेनिस्तान में पाकिस्तान के राजदूत अहसान वगान को अमेरिका से डिपोर्ट कर दिया गया है। पाकिस्तानी अधिकारियों का मानना है कि यह घटना दस्तावेजों की प्रोसेसिंग में समस्या के कारण हो सकती है।

दिए गए जांच के निर्देश

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और सचिव अमीना बलोच को घटना के बारे में जानकारी दी गई है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने लॉस एंजिल्स में अपने वाणिज्य दूतावास को मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। वगान पाकिस्तान की विदेश सेवा में कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। तुर्कमेनिस्तान में राजदूत के रूप में पदोन्नत होने से पहले, वगान ने काठमांडू में पाकिस्तानी दूतावास में द्वितीय सचिव के रूप में काम किया है।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।