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कोर्ट के आदेश पर अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दर्ज हो सकती है एफआईआर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. अरविंद केजरीवाल को एक बड़ा झटका देते हुए दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को एक याचिका को मंजूरी दी. जिसमें आप (AAP) चीफ और अन्य लोगों के खिलाफ 2019 में द्वारका में बड़े- बड़े होर्डिंग्स लगाने के लिए सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग के लिए एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी. यह मामला 2019 में दर्ज की गई एक शिकायत से जुड़ा है. जिसमें आरोप लगाया गया था कि केजरीवाल, पूर्व आप विधायक गुलाब सिंह और द्वारका पार्षद नितिका शर्मा ने इलाके में बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाकर सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया.

सितंबर 2022 में एक मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने शिकायत को खारिज कर दिया था. हालांकि, सत्र न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले को पलट दिया और इसे पुनर्विचार के लिए मजिस्ट्रेट के पास वापस भेज दिया. स्पेशल जज के मजिस्ट्रेट अदालत को मामले पर फिर से फैसला करने का निर्देश देने के बाद, मजिस्ट्रेट ने अब मामले में एफआईआर दर्ज करने की याचिका को स्वीकार कर लिया है.

जनवरी में, स्पेशल जज विशाल गोगने ने कहा कि मजिस्ट्रेट द्वारा पहले शिकायत को खारिज करने के आदेश में यह नहीं देखा गया था कि अपराध संज्ञेय था या नहीं. नई याचिका दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 156(3) के तहत दायर की गई थी. जिसमें मजिस्ट्रेट पुलिस को एफआईआर दर्ज करने और संज्ञेय अपराध की जांच का आदेश दे सकते हैं. पुलिस को 18 मार्च तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है.

साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।