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सुशीला कार्की हो सकती हैं नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री, बालेन शाह ने भी किया समर्थन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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काठमांडू. नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस रहीं सुशीला कार्की कल नेपाल की अंतरिम पीएम बनेंगी। उनके नाम पर सहमति बन गई है। काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने उनका समर्थन किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुशीला कार्की ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से राजनीति शास्त्र में मास्टर्स किया है। उन्होंने 1979 में वकालत में अपना करियर शुरू किया था।

सुशीला कार्की 11 जुलाई 2016 से 6 जून 2017 तक नेपाल की मुख्य न्यायाधीश थीं। 2017 में उनके खिलाफ महाभियोग लाया गया था। सुशीला कार्की पर पूर्वाग्रह और कार्यपालिका में हस्तक्षेप का आरोप लगा था। दूसरी तरफ नेपाल के पूर्व पीएम केपी ओली ने तख्तापलट के लिए नाम लिए बिना भारत को दोष दिया है। उन्होंने कहा कि राम नेपाल में जन्में थे और लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा हमारा है। मैं इन बयानों से पीछे हट जाता तो मुझे और मौके मिलते।

कैदियों को एक से दूसरी जेल में ट्रांसफर किया जा रहा

नेपाल की दिल्ली बाजार जेल में आज सुबह आगजनी की घटना के बाद कैदियों को सुंधारा सेंट्रल जेल में ट्रांसफर कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 55 कैदियों को सुंधारा भेजा जा चुका है और बाकी कैदियों को भी वहां ले जाया जा रहा है।

साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।