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वेव्स बाज़ार और अहा द्वारा संचालित तथा प्रोड्यूसर बाज़ार और इंडियाजॉय द्वारा आयोजित इंडियाजॉय बी2बी 2025 ने भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को सशक्त किया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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 ‘इंडियाजॉय बी2बी 2025 पहल’ जिसमें भारतीय फिल्म बाजार और वेव्स एनिमेशन बाजार शामिल थे, का सफल आयोजन वेव्स बाजार, प्रोड्यूसरबाजार और अहा के सहयोग से इंडियाजॉय कार्यक्रम में किया गया। इससे एवीजीसी-एक्सआर (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी) और फिल्म उद्योग के लिए एक अग्रणी केंद्र के रूप में हैदराबाद की स्थिति और मजबूत हुई।

इस वर्ष के संस्करण में देश भर से 120 विक्रेताओं और 35 खरीदारों ने भाग लिया, जिससे सह-निर्माण, सामग्री लाइसेंसिंग और रणनीतिक सहयोग के लिए एक मज़बूत मंच तैयार हुआ। इस कार्यक्रम के दौरान स्प्राउट्स स्टूडियो ने प्रोड्यूसर बाज़ार द्वारा संचालित वेव्स एनिमेशन बाज़ार और भारतीय फिल्म बाज़ार से जुड़ी बौद्धिक संपदा को समर्थन के लिए 6 करोड़ रुपए के कोष की घोषणा की।

वेव्स का एनिमेशन बाज़ार

वेव्स के एनिमेशन बाज़ार में 18 उभरते रचनाकारों और बौद्धिक संपदा धारकों को प्रदर्शित किया गया, जो एनिमेशन और नए मीडिया में भारत के बढ़ते प्रतिभा भंडार और रचनात्मकता को दर्शाते हैं। इस बाज़ार ने कहानीकारों, निर्माताओं और वितरकों को सफलतापूर्वक जोड़ा, जिससे सार्थक चर्चाएं और साझेदारियां हुईं जो भारत के मनोरंजन इको-सिस्टम को आगे बढ़ाने में मदद करेंगी।

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इस वर्ष के संस्करण में प्रमुख खरीदारों में अहा, ज़ी, स्पिरिट मीडिया, जियो हॉटस्टार, सुरेश प्रोडक्शंस, ईटीवी विन, वॉचो, नॉर्थस्टार एंटरटेनमेंट और अल्फा पिक्चर्स शामिल थे। इस पहल के तहत सामग्री अधिकार मुद्रीकरण के लिए 24 करोड़ रुपए के प्रस्ताव रखे गए और संभावित भागीदारों के साथ उन पर चर्चा की गई।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव, श्री संजय जाजू ने उद्घाटन सत्र के दौरान कहा :

“इस आयोजन से मनोरंजन उद्योग के सभी क्षेत्रों को लाभ होने की उम्मीद है। विक्रेताओं और खरीदारों को एक ही मंच पर लाने से भारत के मनोरंजन व्यापार को और ऊर्जा मिलेगी। जिस तरह आईपीएल ने भारतीय क्रिकेट में क्रांति ला दी, उसी तरह रचनात्मकता और प्रौद्योगिकी को एकीकृत करने वाली वेव्स पहल मनोरंजन क्षेत्र को बदल देगी।”

इंडियाजॉय में वेव्स बाज़ार के साथ सहयोग ने शुरूआती चरण के स्टूडियो को बढ़ावा देने और वैश्विक दर्शकों के लिए “भारत में निर्माण” सामग्री को बढ़ावा देकर पहल को और ज्यादा मजबूत किया है।

उत्साही भागीदारी और प्रभावशाली व्यावसायिक परिणामों के साथ इंडियाजॉय बी2बी 2025 में वेव्स बाज़ार ने एक बार फिर भारत के रचनात्मक उद्योगों में सहयोग, नवाचार और विकास को बढ़ावा देने वाले एक प्रमुख मंच के रूप में अपनी भूमिका को मजबूत किया है।

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इंडियाजॉय 2025 में ‘क्रिएट इन इंडिया चैलेंज’ के विजेताओं का प्रदर्शन

इंडियाजॉय 2025 में वेव्स बाज़ार पवेलियन ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा समर्थित ‘क्रिएट इन इंडिया चैलेंज’ (सीआईसी) विजेताओं के प्रदर्शन की भी मेजबानी की। एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र के 20 से अधिक विजेताओं ने अपनी अभूतपूर्व परियोजनाओं का प्रदर्शन किया, जिनमें वीआर हेडसेट, शैक्षिक टेक उपकरण, गेमिंग प्रोटोटाइप, एनीमेशन फ़िल्में और सिनेमैटिक आईपी शामिल थे, जिन्हें एनीमेशन फ़िल्म प्रतियोगिता, इनोवेट2एजुकेट हैंडहेल्ड डिवाइस चैलेंज, वेव्स उत्कृष्टता पुरस्कार, एक्सआर क्रिएटर हैकाथॉन और अनरियल सिनेमैटिक चैलेंज जैसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से विकसित किया गया था।

युवा नवप्रवर्तकों ने सूचना एवं प्रसारण सचिव श्री संजय जाजू के साथ बातचीत की और वेव्स पहल के तहत अपनी रचनात्मक यात्रा और इनक्यूबेशन अनुभवों को साझा किया। कई प्रतिभागियों ने ‘पिच टू डील’ नामक एक बी2बी मार्केटप्लेस में अपने बौद्धिक संपदा (आईपी) को भी प्रस्तुत किया, जो रचनाकारों को संभावित निवेशकों और स्टूडियो से जोड़ता है।

‘क्रिएट इन इंडिया चैलेंज’ विजेताओं की भागीदारी और इंडियाजॉय बी2बी 2025 की सफलता युवा रचनाकारों को सशक्त बनाने, भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और देश को मीडिया, मनोरंजन और प्रौद्योगिकी में नवाचार के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए मंत्रालय की निरंतर प्रतिबद्धता को उजागर करती है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।