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शुभांगी दत्त ने अनुपम खेर की फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ के लिए इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया में जीता बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड!

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई, दिसंबर 2025 : अनुपम खेर की प्रेरणादायक और पसंद की जाने वाली फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ को एक और बड़ी खुशी मिली है। फिल्म की लीड एक्ट्रेस शुभांगी दत्त ने इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया में बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड अपने नाम किया है। शुभांगी को मिला यह सम्मान दिखाता है कि उन्होंने तन्वी रैना का रोल बहुत ही सच्चाई और दिल से निभाया। यह वह किरदार है जिसने अपनी मासूमियत, हिम्मत और लगन से दुनिया भर के दर्शकों को छू लिया है।

फिल्म की इस सफलता पर अपनी खुशी बताते हुए अनुपम खेर ने कहा, “शुभांगी इस अवॉर्ड की पूरी तरह हकदार हैं। उन्होंने तन्वी को बेहद ईमानदारी से निभाया। ‘तन्वी द ग्रेट’ दिल से बनी फिल्म है और इसे विदेशों में सराहना मिलना हमारे लिए बहुत खुशी की बात है। हम चाहते हैं कि यह फिल्म और भी जगहों तक पहुँचे।

“इस अवॉर्ड पर भावुक होकर शुभांगी दत्त ने कहा, “यह अवॉर्ड मेरे लिए बहुत खास है। तन्वी का किरदार निभाने के लिए सच्चाई, हिम्मत, मेहनत और दिल की मजबूती चाहिए थी, और मुझे खुशी है कि दुनिया के लोगों ने इस फिल्म को अपना प्यार दिया। मैं अनुपम सर की आभारी हूँ जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया और मुझे इतना खूबसूरत रोल दिया। यह सम्मान हमारी पूरी टीम का है।”

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खुशी को और बढ़ाते हुए ‘तन्वी द ग्रेट’ को बेस्ट स्क्रीनप्ले का अवॉर्ड भी मिला है, जो लेखकों अनुपम खेर, अभिषेक दीक्षित और अंकुर सुमन को मिला।

शुभांगी दत्त के साथ फिल्म में अनुपम खेर, बोमन ईरानी, पल्लवी जोशी, अरविंद स्वामी, नास्सर, इयान ग्लेन और करण टक्कर जैसे बेहतरीन कलाकार भी हैं। फिल्म तन्वी रैना की अनोखी कहानी दिखाती है ,एक लड़की जो ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम पर है और जिसका सपना है भारतीय सेना में जाना और सियाचिन ग्लेशियर पर तिरंगा फहराना।

फिल्म में दुनिया के नामी तकनीशियन भी जुड़े हैं, जिनमें ऑस्कर विजेता एमएम कीरवानी और रसूल पुकट्टी, और मशहूर जापानी सिनेमैटोग्राफर केइको नाकाहारा शामिल हैं। इन सबने मिलकर फिल्म को और भी खूबसूरत और भावुक बना दिया है।दो बड़े अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड जीतकर ‘तन्वी द ग्रेट इस साल की सबसे भावुक और चर्चित फिल्मों में शामिल हो गई है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।