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जब आप करियर के मुकाम पर पहुंचने लगते हैं, तो हर कोई आपके रिटायर का इंतजार करता है : रिकी पोंटिंग

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल (Champions Trophy 2025) से पहले ये कयास लग रहे थे कि रोहित शर्मा (Rohit Sharma) वनडे (ODI) से भी संन्यास ले लेंगे. लेकिन फाइनल में रोहित ने 76 रन की अहम पारी खेलकर सभी आलोचना करने वाले लोगों को शांत कर दिया है. अपनी बल्लेबाजी से रोहित ने मुंहतोड़ जवाब देकर अपना इरादा बता दिया . वहीं, मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी उन्होंने यह बयान दे दिया कि वो अभी कहीं नहीं जा रहे हैं, उनका रिटायरमेंट का कोई इरादा नहीं है.

अब रिकी पोंटिंग ने रोहित शर्मा (Ricky Ponting on Rohit Sharma Future) के फ्यूचर को लेकर बड़ा बयान दे दिया है. आईसीसी रिव्यू पर होस्ट क्रिस्टल अर्नोल्ड से बात करते हुए, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान पोंटिंग ने कहा कि “रोहित ने जब यह घोषणा की थी कि उन्हें अभी रिटारमेंट नहीं लेना है, तो उनके दिमाग में शायद कोई खास लक्ष्य रहा होगा. जब आप अपने करियर के उस मुकाम पर पहुंचने लगते हैं, तो हर कोई आपके रिटायर होने का इंतजार कर रहा होता है.”

पोटिंग ने आगे कहा, ” मुझे नहीं पता कि क्यों, जब आप अभी भी उतना ही अच्छा खेल सकते हैं, तो इसके बारे में क्यों बातें होती है. फाइनल में रोहित ने जिस अंदाज में खेला उसे देखकर तो बिल्कुल भी नहीं लगा कि उनका संन्यास का वक्त आ गया है.  तो मुझे लगता है कि वह बस उन सवालों को हमेशा के लिए खत्म करने की कोशिश कर रहे थे, उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से उन लोगों को शांत कर दिया जो उन्हें संनायस को लेकर कह रहे थे. उन्होंने करारा जवाब दिया है कि मैं अभी भी काफी अच्छा खेल रहा हूं, मुझे इस टीम में खेलना पसंद है, मुझे इस टीम का नेतृत्व करना पसंद है.”

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ने आगे कहा, “और मुझे लगता है, तथ्य यह है कि उन्होंने ऐसा कहा, मेरे लिए, इसका मतलब है कि उनके दिमाग में अगले 50-ओवर वाले विश्व कप 2027 तक खेलने का लक्ष्य है.” पोंटिंग ने कहा, रोहित का आखिरी लक्ष्य विश्व कप का खिताब जीतना है. मेरा मतलब है कि जब आप उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में इस तरह से खेलते हुए देखेंगे, तो आप यह नहीं कहेंगे कि उनका समय अभी खत्म हो गया है”

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साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।