रविवार, सितंबर 20 2026 | 12:35:42 PM

सेना के अखनूर सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करने में एक सैनिक का बलिदान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कश्मीर. जम्मू संभाग के अखनूर सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिश को सेना ने विफल कर दिया है। आतंकियों और सेना के बीच गोलीबारी में भारतीय सेना के JCO शहीद हो गए। बताया जाता है कि नियंत्रण रेखा पर केरी भट्ठल इलाके में आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की। इसी दौरान वहां गश्त कर रहे जवानों ने आतंकियों को घुसपैठ करने की कोशिशों को विफल कर दिया। इस दौरान गोलीबारी में भारतीय सेना के जेसीओ सब-कर्ल कुलदीप चंद गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें आर्मी के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इलाके में तलाशी अभियान जारी है।

भारतीय सेना की ओर से शहीद जेसीओ को श्रद्धांजलि दी गई है। व्हाइट नाइट कोर की ओर से किए सोशल मीडिया पोस्ट में बहादुर सब-कर्नल कुलदीप चंद के सर्वोच्च बलिदान को सलाम किया गया है। व्हाइट नाइट कोर ने कहा कि हम इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ एकजुटता से खड़े हैं। बता दें कि शहीद जेसीओ कुलदीप चंद पंजाब के रहने वाले थे। अधिकारियों ने बताया कि पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और अतिरिक्त फोर्स को तैनात किया गया है तथा अंतिम रिपोर्ट मिलने तक तलाश अभियान जारी था। इसी क्षेत्र में 11 फरवरी को आतंकवादियों द्वारा किए गए एक विस्फोट में एक कैप्टन सहित दो सैन्यकर्मी शहीद हो गए थे तथा एक अन्य घायल हो गया था।

यह ताजा घटना भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू- कश्मीर के पुंछ जिले में सीमा प्रबंधन से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए ब्रिगेड कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग के दो दिन बाद हुई है। सीमा पार से गोलीबारी की लगभग एक दर्जन घटनाओं और एक आईईडी हमले के बाद तनाव कम करने के प्रयास में यह फरवरी के बाद से दूसरी ऐसी बैठक थी। भारतीय सेना ने सीमा पार से होने वाली आतंकवादी गतिविधियों और संघर्ष विराम उल्लंघन को लेकर अपने समकक्षों के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।