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रक्षा राज्य मंत्री ने नई दिल्ली में नाइजीरिया के रक्षा राज्य मंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक की

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने 12 अगस्त, 2025 को नई दिल्ली में नाइजीरिया के रक्षा राज्य मंत्री डॉ. बेलो मोहम्मद मटावाले के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों मंत्रियों ने बढ़ते द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और विविध क्षेत्रों में सैन्य सहयोग को और आगे बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने आतंकवाद–रोधी प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं विकास, जल सर्वेक्षण एवं समुद्री डकैती–रोधी सहित समुद्री सहयोग और उद्योग में सहयोग के अवसरों पर विचार–विमर्श किया। 

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रक्षा राज्य मंत्री ने हल्के लड़ाकू विमान, हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर और अपतटीय गश्ती पोत जैसे उच्च–गुणवत्ता वाले रक्षा उपकरण बनाने की भारतीय रक्षा उद्योग की क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने नाइजीरियाई पक्ष की आवश्यकताओं को पूरा करने में पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्रों का पता लगाने के लिए नाइजीरिया के रक्षा अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो की टीम का स्वागत करने की इच्छा व्यक्त की। नाइजीरियाई रक्षा राज्य मंत्री ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल को नाइजीरिया में रक्षा उद्योग का दौरा करने और इस क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं का पता लगाने के लिए आमंत्रित किया।

डॉ. बेलो मोहम्मद मटावाले 11-14 अगस्त, 2025 तक भारत की यात्रा पर एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय रक्षा उद्योगों के साथ भी बातचीत की।

भारत और नाइजीरिया के बीच मधुर, मैत्रीपूर्ण, सदियों पुराने और गहरे संबंध हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध 1960 के दशक के शुरुआती वर्षों से हैं। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत और अफ्रीका के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में नाइजीरिया, स्वाभाविक साझेदार बन गए हैं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।