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एमएनएस ने मुंबई की जगह बॉम्बे नाम प्रयोग करने पर कपिल शर्मा को दी चेतावनी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

मुंबई. कॉमेडियन कपिल शर्मा का शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शर्मा शो’ हमेशा से ही सुर्खियों में रहता है. शो को फैंस बहुत पसंद करते हैं. पहले जब ये शो टेलिविजन पर आता था, तब भी फैंस इसे देखना पसंद करते थे और अब जब ये शो नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होता है तब भी फैंस हर बार शो के नए एपिसोड का बेसब्री से इंतजार करते हैं. कपिल के शो में हर बार कोई ना कोई नए सैलेब आते हैं, जिनको देखना फैंस बहुत पसंद करते हैं. कपिल के शो में अभी तक बॉम्बे का जिक्र होता रहा है, जबकि, आधिकारिक तौर पर सालों पहले बॉम्बे को मुंबई नाम दे दिया गया था. अब इस बात पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने आपत्ति जताई है. एमएनएस का कहना है कि कपिल के शो में शहर का नाम गलत लिया जाता है और इसे जल्द से जल्द ठीक किया जाना चाहिए.

एमएनएस नेता ने दी चेतावनी

एमएनएस के नेता अमेय खोपकर का कहना है कि बॉलीवुड सहित अन्य जगहों पर मुंबई को सम्मान देते हुए उसका सही नाम लिया जाना चाहिए, जबकि कपिल के शो में ये नाम कई बार गलत लिया गया है. उन्होंने एक्स पर इसे लेकर पोस्ट लिखा है. राज ठाकरे की महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (MNS) बीते कुछ दिनों से लगातार चर्चा में बनी है. पहले भाषा विवाद और फिर कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी को लेकर एमएनएस लगातार सुर्खियों में रही. अब राज ठाकरे की पार्टी के एक नेता ने कॉमेडियन कपिल शर्मा और नेटफ्लिक्स को धमकी दी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि कपिल शर्मा शो में कई लोग मुंबई को ‘बॉम्बे’ बोलते हैं, वो ऐसा करना तुरंत बंद करें. MNS चित्रपट सेना प्रमुख अमेय खोपकर ने कपिल शर्मा और उनके शो पर नाराजगी जताते हुए एक्स पर पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि भले ही मुंबई का नाम 30 साल पहले बदल दिया गया हो, लेकिन हिंदी फिल्मों, ओटीटी प्लेटफॉर्म और कपिल शर्मा शो में आज भी ‘बॉम्बे’ शब्द का इस्तेमाल हो रहा है, इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए.

‘गुस्से का सामना करना ही पड़ेगा’

MNS नेता ने अपनी पोस्ट में आगे कहा कि बाकी शहरों के नाम कपिल शर्मा सही लेते हैं, लेकिन हमारे शहर का अपमान क्यों कर रहे हैं. आपसे जो गलती हुई है, उसे सुधारिए. अगर ऐसा नहीं होता है तो एमएनएस की तरफ से आंदोलन होगा. उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर पिछले कई सालों से हम बोल रहे हैं, जो लोग मुंबई को बॉम्बे बोलते हैं उन्हें हमारे गुस्से का सामना करना ही पड़ेगा.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।