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जापान में फ्लू के कारण 4000 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती

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टोक्यो. जापान इन्फ्लूएंजा के मामलों में अभूतपूर्व उछाल ने बड़ा स्वास्थ्य संकट खड़ा कर दिया है। तेजी से फैलते फ्लू के चलते अस्पताल भर गए हैं और स्कूलों को बंद करना पड़ा है। पिछले साल की तुलना में इस दफा फ्लू पांच हफ्ते पहले आ गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पडा है। इसके चलते जापान सरकार ने औपचारिक रूप से देशव्यापी फ्लू महामारी की घोषणा कर दी है। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ कम करने के लिए कदम उठाए हैं।

होक्काइडो के स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के प्रोफेसर योको त्सुकामोटो ने कहा है कि इस साल फ्लू का मौसम बहुत जल्दी शुरू हो गया है। इसके जल्दी आने और तेजी से फैलने से पता चलता है कि इन्फ्लूएंजा वायरस अभूतपूर्व गति से अनुकूलन कर रहा है। यह प्रवृत्ति केवल जापान तक ही सीमित नहीं है। ऐसे में स्थानीय लोगों के साथ ही आगंतुकों से भी सतर्कता बढ़ाने की अपील की गई है।

4,000 से ज्यादा किए गए भर्ती

जापान के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि फ्लू के कारण 4,000 से ज्यादा लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। यह एक हफ्ते पहले की तुलना में चार गुना ज्यादा है। वायरस को आगे फैलने से रोकने के लिए स्कूलों और बाल देखभाल केंद्रों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। चिकित्सा पेशेवरों का मानना है कि इस साल फ्लू का मौसम बेहद गंभीर है। आने वाले समय में लॉकडाउन जैसे उपाय भी अपनाने पड़ सकते हैं।

प्रोफेसर योको त्सुकामोतो ने चेतावनी दी है कि आने वाले वर्षों में फ्लू का मौसम ज्यादा अप्रत्याशित हो सकता है। उन्होंने टीकाकरण, हाथ धोने और संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए एहतियात बरतने के लिए कहा है। दूसरी ओर कागोशिमा, ओकिनावा और टोक्यो जैसे शहरों के बड़े अस्पताल बिस्तरों और स्टाफ की कमी का सामना कर रहे हैं। अस्पतालों में बढ़ती भीड़ से लोगों में बेचैनी बढ़ रही है।

फिलहाल लॉकडाउन के आदेश नहीं

जापान सरकार के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष प्रति चिकित्सा क्लिनिक 1.04 रोगियों का राष्ट्रव्यापी औसत महामारी के स्तर को पार कर गया है। यामागाटा प्रान्त में 36 में से 22 छात्रों में फ्लू जैसे लक्षण पाए जाने पर पूरे प्राथमिक विद्यालय को बंद करना पड़ा है। इससे पता चलता है कि कुछ स्कूलों पर कितना बुरा असर पड़ा है। अधिकारियों ने पिलहाल बड़े पैमाने पर लॉकडाउन या अनिवार्य आदेश लागू नहीं किए हैं। अधिकारियों ने वर्क फ्रॉम अपनाने नियोक्ताओं और स्कूलों में भी लचीली व्यवस्था रखने की सलाह दी है। सरकार फिलहाल स्थिति की निगरानी कर रही है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों को एहतियात बरतने के लिए कहा जा रहा है।

साभार : नवभारत टाइम्स

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