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एयर इंडिया के विमान हादसे में अब तक 265 लोगों की मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

गांधीनगर. अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट गुरुवार (12 जून, 2025) की दोपहर क्रैश हो गया. इस हादसे में मरने वाली संख्या बढ़ गई है. अब तक 265 लोगों की मौत हो गई है. विमान में सवार 241 यात्रियों और क्रू मेंबर की भी मौत हो चुकी है. हादसे के बाद ये विमान पास के मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर जा गिरा जिससे 24 लोगों की मौत हुई है. घटना के बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए बताया, “सिविल हॉस्पिटल में जितने भी शव आए, वो बुरी तरह से जले हुए हैं. उनकी पहचान करना बेहद मुश्किल है. लोगों की शवों के हिस्से अलग-अलग टुकड़ों में बंटे हुए हैं. कुछ जले हुए हैं तो कुछ कटे हुए हैं. इन शवों को जोड़कर जो गिनती की गई है उनकी तादात 265 हो गई है.”

मलबे में दबने से कई डॉक्टरों की भी मौत

उन्होंने आगे बताया, “इनमें से 244 यात्री और क्रू मेंबर विमान में सवार थे. उसमें से एक यात्री जिंदा है. 241 यात्रियों में से शायद ही कोई बचा होगा. जिस समय ये हादसा हुआ, उस वक्त एयरपोर्ट के पास मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में लंच टाइम था और ज्यादातर लोग मैस में थे. उसी वक्त ये प्लेन हॉस्टल के स्ट्रक्चर पर गिरा, जिससे उसके मलबे में दबने से कई डॉक्टरों की भी मौत हो गई. 265 लोगों की मौत की जानकारी इलाके डीसीपी ने दी है. हालांकि अभी इसकी आधिकारी घोषणा नहीं की गई है.”

हादसे के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल

एयर इंडिया ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है. विमान अहमदाबाद के सिविल अस्पताल के बगल में स्थित बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. यह घटना दोपहर के भोजन के समय हुई, जब छात्रावास का मेस क्षेत्र मेडिकल छात्रों से भरा हुआ था. मलबे और छात्रावास पर दुर्घटना के प्रभाव की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं, जिससे पूरे देश में सदमे और शोक की लहर फैल गई है.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।